मुंबई, 23 जनवरी (भाषा) तापसी पन्नू ने शनिवार को युवा और आकांक्षी अभिनेताओं को किसी फिल्म में उनके किरदार की लंबाई पर ध्यान नहीं देने की सलाह दी।
अभिनेत्री ने अपनी जासूसी थ्रिलर फिल्म ‘बेबी’ के छह साल पूरे होने के मौके पर कहा कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है कि फिल्म में आपके किरदार की लंबाई कितनी बड़ी है, बल्कि आप उस किरदार को कैसे निभाते हैं, आपका काम कैसा है, यह महत्त्व रखता है।
हिंदी सिनेमा में प्रवेश करने से पहले, 33 वर्षीय अभिनेत्री ने तेलुगु और तमिल फिल्मों में अभिनय किया। उन्होंने डेविड धवन की फिल्म ‘चश्मे बद्दूर’ से बॉलीवुड में कदम रखा, लेकिन नीरज पांडे की फिल्म ‘बेबी’ में शबाना खान नामक किरदार में उनकी सात मिनट की भूमिका ने उनके करियर में एक महत्वपूर्ण मोड़ दिया।
पन्नू ने कहा कि एक कलाकार के लिए यह महत्त्वपूर्ण है कि उन्हें स्क्रीन पर जितना समय मिलता है, उसमें वह ज़्यादा से ज़्यादा प्रभाव छोड़े।
उसने ट्विटर पर एक पोस्ट में कहा, ‘प्रिय अभिनेताओं, पर्दे पर आपका रोल कितने मिनट का है, यह मायने नहीं रखता, उन मिनटों में आप क्या करते हैं, क्या प्रभाव छोड़ते हैं…… यह मायने रखता है: सात मिनट जिसने मेरे करियर की दिशा बदल दी। आपकी अपनी, नाम शबाना।’
गौरतलब है कि ‘बेबी’ में अक्षय कुमार ने मुख्य भूमिका निभाई थी। फिल्म एक भारतीय खुफिया टीम द्वारा चलाए गए एक गुप्त मिशन पर केंद्रित है। फिल्म में राणा दग्गुबाती, अनुपम खेर, के के मेनन, डैनी डेन्जोंगपा ने भी अहम किरदार निभाए हैं। पन्नू ने फिल्म में एक गुप्त एजेंट की भूमिका निभाई है।
पन्नू ने बाद में इसी सीरीज की फिल्म ‘नाम शबाना’ में का किया, जिसमें वह मुख्य भूमिका में थी। फिल्म में मनोज बाजपेयी भी थे।
दोनों फिल्मों की सफलता के बाद, पन्नू ने ‘पिंक’, ‘बदला’, ‘सांड की आंख’, और ‘थप्पड़’ जैसी फिल्मों अपने दमदार अभिनय से फिल्म उद्योग में अपनी स्थिति को और मजबूत कर लिया है।
उनकी पोस्ट पर टिप्पणी करते हुए, कुमार ने कहा कि उन्हें उन पर गर्व है। दोनों ने ‘मिशन मंगल’ में भी साथ काम किया था।
भाषा कृष्ण माधव
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