(Wipro Q3 Result/ Image Credit: ANI News)
नई दिल्ली: Wipro Q3 Result आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी Wipro के लिए दिसंबर 2025 तिमाही नतीजे मिले-जुले रहे थे। चालू वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में कंपनी का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट 3,119 करोड़ रुपये रहा। यह पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 7% और पिछले तिमाही के मुकाबले 4% कम है। मुनाफे में यह गिरावट नए लेबर कोड्स के बदलाव के कारण आई है। हालांकि, कंपनी का कुल रेवेन्यू बढ़ा और कारोबारी स्थिति मजबूत रही।
कंपनी ने तिमाही नतीजों के साथ 2 रुपये फेस वैल्यू वाले हर शेयर पर 6 रुपये अंतरिम डिविडेंड का ऐलान किया है। जो निवेशकों के लिए अच्छी खबर है। इस डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट 27 जनवरी 2026 फिक्स की गई है। शेयर बाजार में कारोबारी नतीजे आने से पहले आज शुक्रवार 16 जनवरी को विप्रो के शेयर 2.54% की बढ़ोतरी के साथ 266.80 रुपये पर बंद हुए और इंट्रा-डे में 269.80 रुपये तक उछल गए, यानी 3.71% की तेजी देखी गई।
Wipro की दिसंबर तिमाही में कुल डील बुकिंग्स 330 करोड़ डॉलर रही, जिसमें लॉर्ज डील्स 90 करोड़ डॉलर के करीब थीं। ऑपरेटिंग कैश फ्लो 4,259 करोड़ रुपये के मजबूत स्तर पर रहा, जो इसकी नेट इनकम के 135.4% के बराबर है। लेबर कोड में बदलाव को एडजस्ट करने पर कंपनी की नेट इनकम 3,360 करोड़ रुपये रही, जो सालाना आधार पर 0.3% और तिमाही आधार पर 3.6% बढ़ी। यह संकेत देता है कि कंपनी की वास्तविक आय मजबूत बनी हुई है।
| विवरण | आंकड़े |
| आज का शेयर मूल्य | ₹266.80 (+6.60, 2.54%) |
| तारीख और समय | 16 Jan, 3:30 pm IST |
| आज का ओपन | ₹263.25 |
| आज का हाई | ₹269.80 |
| आज का लो | ₹263.00 |
| मार्केट कैप | ₹2.80 LCr |
| P/E रेशियो | 20.74 |
| 52 हफ्तों का हाई | ₹324.60 |
| डिविडेंड यील्ड | 3.56% |
| तिमाही डिविडेंड राशि | ₹2.37 |
| 52 हफ्तों का लो | ₹228.00 |
पिछले एक साल में विप्रो के शेयरों में काफी उतार-चढ़ाव देखा गया। 23 जनवरी 2025 को शेयर 324.60 रुपये पर उच्चतम स्तर पर थे, लेकिन तीन महीने में 30.66% गिरकर 7 अप्रैल 2025 को 228.00 रुपये पर आ गए। भविष्य के लिए कंपनी का अनुमान है कि मार्च 2026 तिमाही में आईटी सर्विसेज रेवेन्यू 264-269 करोड़ डॉलर के बीच रह सकता है, जो कॉन्स्टैंट करेंसी में तिमाही आधार पर 0-2% की वृद्धि को दर्शाता है।
नोट:- शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। शेयरों, म्यूचुअल फंड्स और अन्य वित्तीय साधनों की कीमतें बाजार की स्थितियों, आर्थिक परिस्थितियों और अन्य कारकों के आधार पर घट-बढ़ सकती हैं। इसमें पूंजी हानि की संभावना भी शामिल है। इस जानकारी का उद्देश्य केवल सामान्य जागरूकता बढ़ाना है और इसे निवेश या वित्तीय सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।