छत्तीसगढ़ में सीएम Vs पूर्व सीएम.. कर्ज-धर्मांतरण और धान खरीदी जैसे मुद्दों पर हर दिन तेज हो रही जुबानी जंग

छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव को अभी काफी समय है..लेकिन सियासी अखाड़े की मोर्चाबंदी में दांव पेंच शुरू हो गए हैं.. मुख्यमंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री के बीच जुबानी जंग तेज हर दिन तेज और तल्ख हो चली है

Modified Date: November 29, 2022 / 08:33 pm IST
Published Date: September 15, 2021 10:16 pm IST

रायपुर। छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव को अभी काफी समय है..लेकिन सियासी अखाड़े की मोर्चाबंदी में दांव पेंच शुरू हो गए हैं.. मुख्यमंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री के बीच जुबानी जंग तेज हर दिन तेज और तल्ख हो चली है.. दोनों किसी न किसी मुद्दे पर एक दूसरे पर हमले कर रहे हैं..कर्ज, धर्मांतरण और धान खरीदी जैसे मुद्दों पर भूपेश बघेल और रमन सिंह आमने-सामने हैं.. अब सवाल ये है कि.. वार-पलटवार और इस प्रतिक्रियावादी सियासत के मायने क्या हैं..? क्या ये तैयारी 2023 के सत्ता संग्राम के लिए है…?

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छत्तीसगढ़ में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच इन दिनों जुबानी लड़ाई तेज हो गई है.. दो शीर्ष नेता..सीएम भूपेश बघेल और पूर्व सीएम रमन सिंह आमने-सामने हैं.. एक सिलसिला सा चल पड़ा है..वार और पलटवार का…नई जंग का सबब है कर्ज..दरअसल राज्य सरकार ने विकास कार्यों के लिये RBI से 1 हजार करोड़ का कर्ज लिया..जिसे मुद्दा बनाते हुए बीजेपी ने सरकार को कठघरे में खड़ा किया..

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इस आरोप पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि ऐसी कौन सी बीजेपी की राज्य सरकार है जो कर्ज नहीं लेती..क्या मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और गुजरात कर्ज नहीं ले रहे हैं.. सीएम ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह जब वित्त मंत्री थे तो कर्ज लेते थे और जितने भी काम किए कर्ज लेकर किए.. रमन सिंह हमको नसीहत ना दें और ना ही लोगों को गुमराह करें..

जिसपर रमन सिंह ने भी जवाबी पलटवार किया कि..हम कर्ज लेने के विरोधी नहीं हैं..लेकिन कर्ज की राशि का उपयोग क्या विकास पर किया जा रहा…ये बड़ा सवाल है.. वर्धा की तर्ज पर सेवाग्राम बनाने का प्रस्ताव हो या फिर.. धान खरीदी और धर्मांतरण का मुद्दा.. दोनों नेताओं के बीच वार-पलटवार जारी है..मुद्दे बदल जाते हैं..पर जंग जारी रहती है।

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बहरहाल पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान मुख्यमंत्री की इस फाइट से लगने लगा है कि…मिशन 2023 से पहले दोनों नेता अपनी जमीन पक्की करने की कोशिश कर रहे हैं..वजह चाहे जो भी हो.. दोनों नेताओं के बयानबाजी से माहौल गरम हो चुका है. अब देखना ये है कि बयानों की जंग आखिर कहां तक पहुंचती है?


लेखक के बारे में

डॉ.अनिल शुक्ला, 2019 से CG-MP के प्रतिष्ठित न्यूज चैनल IBC24 के डिजिटल ​डिपार्टमेंट में Senior Associate Producer हैं। 2024 में महात्मा गांधी ग्रामोदय विश्वविद्यालय से Journalism and Mass Communication विषय में Ph.D अवॉर्ड हो चुके हैं। महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा से M.Phil और कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, रायपुर से M.sc (EM) में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। जहां प्रावीण्य सूची में प्रथम आने के लिए तिब्बती धर्मगुरू दलाई लामा के हाथों गोल्ड मेडल प्राप्त किया। इन्होंने गुरूघासीदास विश्वविद्यालय बिलासपुर से हिंदी साहित्य में एम.ए किया। इनके अलावा PGDJMC और PGDRD एक वर्षीय डिप्लोमा कोर्स भी किया। डॉ.अनिल शुक्ला ने मीडिया एवं जनसंचार से संबंधित दर्जन भर से अधिक कार्यशाला, सेमीनार, मीडिया संगो​ष्ठी में सहभागिता की। इनके तमाम प्रतिष्ठित पत्र पत्रिकाओं में लेख और शोध पत्र प्रकाशित हैं। डॉ.अनिल शुक्ला को रिपोर्टर, एंकर और कंटेट राइटर के बतौर मीडिया के क्षेत्र में काम करने का 15 वर्ष से अधिक का अनुभव है। इस पर मेल आईडी पर संपर्क करें anilshuklamedia@gmail.com