गाजियाबाद में पाकिस्तान से जुड़े जासूसी गिरोह के 21 आरोपियों पर यूएपीए के तहत मामला दर्ज
गाजियाबाद में पाकिस्तान से जुड़े जासूसी गिरोह के 21 आरोपियों पर यूएपीए के तहत मामला दर्ज
गाजियाबाद (उप्र), 26 मार्च (भाषा) गाजियाबाद पुलिस ने पाकिस्तान से जुड़े एक जासूसी गिरोह के 21 आरोपियों के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत मामला दर्ज किया है।
सहायक पुलिस आयुक्त (इंदिरापुरम) अभिषेक श्रीवास्तव ने कहा कि यूएपीए लगाए जाने से यह मामला अब राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी एक उच्च-प्राथमिकता वाली जांच में तब्दील हो गया है और इस कानून के प्रावधानों के तहत जमानत मिलने की शर्तें काफी सख्त हैं।
उन्होंने बताया कि आरोपियों में एक महिला और छह नाबालिग शामिल हैं।
श्रीवास्तव ने बताया कि यूएपीए के तहत जांचकर्ताओं को आरोप पत्र दाखिल करने के लिए 180 दिन तक का समय मिल सकता है और इस दौरान आरोपी समय सीमा पूरी होने पर मिलने वाली जमानत का हकदार नहीं होता।
अधिकारियों ने बताया कि इस कदम से राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) के लिए भी इस अंतरराज्यीय जांच की कमान संभालने का रास्ता खुल सकता है।
अधिकारियों के मुताबिक यह जासूसी गिरोह राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर), उत्तर प्रदेश और बिहार में सक्रिय था। जांचकर्ताओं के अनुसार, आरोपियों ने दिहाड़ी मजदूरों और अन्य छोटे-मोटे काम करके अपनी पहचान छिपा रखी थी।
अधिकारियों ने बताया कि मुख्य आरोपियों में बिहार के भागलपुर का रहने वाला समीर उर्फ ’शूटर’ कथित तौर पर दिल्ली के चांदनी चौक स्थित एक भोजनालय में काम करते हुए गिरफ्तार किया गया था। उन्होंने बताया कि इसके अलावा दो नाबालिगों को दिल्ली कैंट और सोनीपत रेलवे स्टेशन के पास बिजली के खंभों पर अनाधिकृत तरीके से सीसीटीवी कैमरे लगाने के आरोप में हिरासत में लिया गया था।
अधिकारियों ने बताया कि माना जा रहा है कि इन कैमरों का इस्तेमाल ट्रेनों की आवाजाही पर नजर रखने के लिए किया जा रहा था जिनमें संभवतः सैन्य महत्व वाली रेल गाड़ियां भी शामिल थीं।
इस मामले में मथुरा से गिरफ्तार की गई एक अन्य आरोपी मीरा ठाकुर पर हथियार तस्करी से जुड़े होने का संदेह है।
पुलिस ने बताया कि जासूसी गतिविधियों में नाबालिगों का इस्तेमाल इस बात का संकेत है कि यह गिरोह इस बात की कोशिश कर रहा था कि कोई उस पर शक ना करे।
अधिकारियों ने बताया कि सीमा पार से इस गिरोह को संचालित करने वाले आकाओं की पहचान करने के लिए उनके वित्तीय लेन-देन और संचार माध्यमों का पता लगाने के प्रयास जारी हैं।
इस जासूसी गिरोह का भंडाफोड़ इसी महीने की शुरुआत में हुआ था। इस मामले में अब तक 21 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। उन पर सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों के जरिए संवेदनशील जानकारियां इकट्ठा करके उन्हें पाकिस्तान में अपने आका तक पहुंचाने का आरोप है।
पुलिस ने बताया कि इस मामले में जांच जारी है।
भाषा सं सलीम गोला
गोला

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