उप्र में आंधी-तूफान जनित दुर्घटनाओं में 56 लोगों की मौत, योगी का 24 घंटे में राहत पहुंचाने का आदेश

उप्र में आंधी-तूफान जनित दुर्घटनाओं में 56 लोगों की मौत, योगी का 24 घंटे में राहत पहुंचाने का आदेश

उप्र में आंधी-तूफान जनित दुर्घटनाओं में 56 लोगों की मौत, योगी का 24 घंटे में राहत पहुंचाने का आदेश
Modified Date: May 14, 2026 / 09:12 am IST
Published Date: May 14, 2026 9:12 am IST

लखनऊ, 14 मई (भाषा) उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में बुधवार को अचानक बदले मौसम के बीच आए तेज आंधी-तूफान और बारिश से जुड़े हादसों में कम से कम 56 लोगों की मौत हो गई।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में बेमौसम बारिश, आंधी और बिजली गिरने से हुए नुकसान का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को 24 घंटे के अंदर पीड़ितों को राहत देने के आदेश दिये हैं।

प्रदेश के विभिन्न जिलों से प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक प्रयागराज में 17, भदोही में 16, फतेहपुर में नौ, बदायूं में पांच, प्रतापगढ़ में चार, चंदौली और कुशीनगर में दो-दो तथा सोनभद्र जिले में एक व्यक्ति की मौत हो गई है।

प्रयागराज में जिला प्रशासन द्वारा जारी सूची के मुताबिक बुधवार को जिले में आए आंधी तूफान की वजह से बुधवार को 17 लोगों की मौत हुई है। हंडिया क्षेत्र में सात, फूलपुर में चार, सोरांव में तीन, मेजा में दो और सदर क्षेत्र में एक व्यक्ति की मौत हुई है।

भदोही में जिला प्रशासन के सूत्रों ने बताया कि जनपद में बुधवार को आए आंधी-तूफान के कारण हुई दुर्घटनाओं में कम से कम 16 लोगों की मौत हुई है।

अपर जिलाधिकारी कुंवर वीरेंद्र कुमार मौर्य ने कहा कि कई क्षेत्रों में आंधी-तूफान के कारण पेड़ तथा बिजली के खंभे उखड़ गए तथा कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए।

फतेहपुर से मिली रिपोर्ट के अनुसार अपर जिलाधिकारी अविनाश त्रिपाठी ने बताया कि फतेहपुर में तूफान जनित घटनाओं में नौ लोगों की मौत हो गई और 16 घायल हो गए।

उन्होंने कहा, ‘‘खागा तहसील में पांच महिलाओं सहित आठ लोगों की मौत हुई है। वहीं, सदर तहसील में एक घर की दीवार गिरने से एक महिला की मौत हो गई। इसके अलावा 16 अन्य लोग घायल हो गए।’’

प्रतापगढ़ से प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक जिले में बुधवार को अचानक मौसम के करवट बदलने के कारण उत्पन्न आंधी-तूफान और बारिश के बीच विभिन्न स्थानों पर शेड व दीवार गिरने और आकाशीय बिजली की चपेट में आने से चार लोगों की मौत हो गयी।

पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर ने बताया कि जिले में बुधवार को आंधी और बारिश के कारण लालगंज कोतवाली क्षेत्र के ओझा का पुरवा गांव में भीम यादव (25) नामक व्यक्ति की एक सीमेंट निर्मित शेड गिरने से मलबे में दब कर मौत हो गई।

उन्होंने बताया कि इसके अलावा बाघ राय थाना क्षेत्र के सारी स्वामी गांव में भूषण पांडेय (56) नामक व्यक्ति की आंधी-तूफान के कारण गिरी दीवार के मलबे में दबने से मौत हो गई।

भूकर ने बताया कि इसके अलावा आंधी-तूफान जनित दुर्घटनाओं में बाघ राय थाना क्षेत्र के नारंगपुर गांव में शांति देवी (46) और अंतू क्षेत्र के छतरपुर शिवाला रघना गांव निवासी लाल बहादुर (44) की मौत हो गई।

कानपुर देहात से प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक जिले में वर्षाजनित हादसों में दो लोगों की मौत हो गई।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, रसूलबाद के भौथारी गांव में रुचि (19) नामक युवती की खराब मौसम के बीच गिरी बिजली की चपेट में आने से मौत हो गई।

उन्होंने बताया कि रुचि तेज बारिश के दौरान बकरियों के साथ एक नीम के पेड़ के नीचे खड़ी थी तभी अचानक उस पर बिजली गिर गयी। बिजली की चपेट में आने से दर्जनों बकरियों की भी मौत हो गई।

सूत्रों ने बताया कि घटनास्थल के पास खड़ा 60 साल का एक व्यक्ति भी घायल हो गया।

अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) दुष्यंत कुमार ने बताया कि मौतों और पशुधन के नुकसान के बारे में स्थानीय अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी गई है और सरकारी नियमों के अनुसार आर्थिक मदद दी जाएगी।

देवरिया से जिला प्रशासन के सूत्रों के हवाले से मिली रिपोर्ट के मुताबिक सदर कोतवाली क्षेत्र के भीमपुर गौरा निवासी कोमल यादव (62) की खराब मौसम के बीच गिरी बिजली की चपेट में आने से मृत्यु हो गई। इस दुर्घटना में दो अन्य लोग भी घायल हुए हैं।

रिपोर्ट के अनुसार एक अन्य घटना में पथरदेवा क्षेत्र के नेरुआरी गांव निवासी रामनाथ प्रसाद (65) की भी बिजली की चपेट में आने से मौत हो गई।

इसके अलावा सोनभद्र में भी बारिश के दौरान गिरे पेड़ के नीचे दबने से माधव सिंह (38) नामक व्यक्ति की मौत हो गई।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में बेमौसम बारिश और आकाशीय बिजली गिरने से हुई जनहानि का संज्ञान लेते हुए 24 घंटे के अंदर पीड़ितों को मुआवजा देने का आदेश दिया है।

उन्होंने संबंधित जिलाधिकारियों समेत विभिन्न विभागों के अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर पीड़ितों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

आदित्यनाथ ने अधिकारियों को सतर्क रहने का निर्देश देते हुए राजस्व, कृषि विभाग और बीमा कंपनी से नुकसान का सर्वेक्षण कराकर शासन को भी अवगत कराने का आदेश दिया है।

भाषा सलीम गोला

गोला


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