मेरठ परिक्षेत्र में कांवड़ यात्रा के मद्देनजर 476 स्थानों पर कुल 1,242 संकेत चिह्न लगाये जायेंगे

मेरठ परिक्षेत्र में कांवड़ यात्रा के मद्देनजर 476 स्थानों पर कुल 1,242 संकेत चिह्न लगाये जायेंगे

मेरठ परिक्षेत्र में कांवड़ यात्रा के मद्देनजर 476 स्थानों पर कुल 1,242 संकेत चिह्न लगाये जायेंगे
Modified Date: July 21, 2026 / 05:24 pm IST
Published Date: July 21, 2026 5:24 pm IST

मेरठ (उप्र), 21 जुलाई (भाषा) इस साल कांवड़ यात्रा के दौरान मेरठ परिक्षेत्र में श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और यातायात प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए 476 स्थानों पर कुल 1,242 संकेत चिह्न लगाए जा रहे हैं। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी।

उन्‍होंने बताया कि इन संकेतकों के माध्यम से कांवड़ मार्ग, पार्किंग, चिकित्सा केंद्र, पुलिस सहायता केंद्र, पेयजल, शौचालय, ‘डायवर्जन’ और अन्य आवश्यक सुविधाओं की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।

मेरठ परिक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) कलानिधि नैथानी ने मंगलवार को बताया कि श्रावण मास में होने वाली कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुगम बनाने के उद्देश्य से मेरठ रेंज के सभी जिलों के लिए विस्तृत ‘साइनेज (संकेत चिह्न) प्लान’ तैयार किया गया है।

उन्होंने कहा कि यात्रा मार्गों पर स्पष्ट दिशा-निर्देश उपलब्ध होने से श्रद्धालुओं और वाहनों को रास्ता खोजने में परेशानी नहीं होगी तथा यातायात व्यवस्था भी सुचारू बनी रहेगी।

डीआईजी ने बताया कि मेरठ जिले में 135 स्थानों पर 325, बुलंदशहर में 131 स्थानों पर 288, बागपत में 100 स्थानों पर 425 तथा हापुड़ में 110 स्थानों पर 204 संकेत चिन्ह लगाए जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि इसके जरिए श्रद्धालुओं को वैकल्पिक मार्ग, पार्किंग स्थल, चिकित्सा सहायता, पुलिस सहायता केंद्र, आपातकालीन सेवाओं और अन्य आवश्यक जानकारियां आसानी से मिल सकेंगी। फलस्वरूप यात्रा के दौरान सुरक्षा और सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार होगा।

पुलिस ने श्रद्धालुओं और आमजन से अपील की है कि वे संकेत चिन्‍हों पर अंकित दिशा-निर्देशों का पालन करें तथा पुलिस और प्रशासन द्वारा जारी यातायात एवं सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करें।

पुलिस ने उन्हें किसी भी आपात स्थिति में निकटतम पुलिस सहायता केंद्र या हेल्पलाइन से संपर्क करने की सलाह दी है।

पुलिस ने कहा कि कांवड़ यात्रा-2026 को सकुशल, सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराना उसकी सर्वोच्‍च प्राथमिकता है।

भाषा सं आनन्द राजकुमार

राजकुमार


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