अखिलेश ने पाठक के बयान पर पलटवार करते हुए कहा, ‘हार की हताशा, बिगाड़ देती है भाषा’

अखिलेश ने पाठक के बयान पर पलटवार करते हुए कहा, ‘हार की हताशा, बिगाड़ देती है भाषा’

अखिलेश ने पाठक के बयान पर पलटवार करते हुए कहा, ‘हार की हताशा, बिगाड़ देती है भाषा’
Modified Date: April 12, 2026 / 09:25 pm IST
Published Date: April 12, 2026 9:25 pm IST

लखनऊ, 12 अप्रैल (भाषा) समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मुस्लिम समुदाय से संबंधित टिप्पणी के लिए रविवार को उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक पर निशाना साधा।

हाल ही में एक निजी समाचार चैनल को दिए साक्षात्कार में पाठक ने अल्पसंख्यक समुदाय से अपील की थी कि वे “अपना नेतृत्व खुद संभालें।”

उन्होंने कहा था कि आखिर कब तक “अब्दुल” समाजवादी पार्टी के लिए “दरी बिछाने का काम” करता रहेगा।

यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पाठक पर पलटवार करते हुए लिखा, “हार की हताशा में भाषा बिगड़ जाती है। यह उनके अनुभव को दर्शाता है। उन्होंने खुद दरी बिछाने का काम किया है। पहले वह कहीं और दरी बिछाते थे, और अब जहां हैं वहां भी इसके लायक नहीं हैं। उन्हें खुद ‘दरी’ बना दिया गया है।”

पाठक बहुजन समाज पार्टी से अलग होकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हुए थे।

पूर्व मुख्यमंत्री यादव ने आरोप लगाया कि पाठक “मानसिक रूप से अस्थिर” हैं और अपने ही दायित्वों से दूर हैं।

उन्होंने कहा, “हम उनके अपशब्दों पर गुस्से से प्रतिक्रिया नहीं देंगे, बल्कि उनके प्रति सहानुभूति रखेंगे, क्योंकि वह इन दिनों दिशाहीन और असंतुलित प्रतीत हो रहे हैं। शायद उन्हें यह भी याद नहीं कि वह कौन सा मंत्रालय संभाल रहे हैं।”

भाषा आनन्द जोहेब

जोहेब


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