कुर्क की गयी जिला पंचायत सदस्य देवेंद्र सिंह उर्फ गब्बर की 110 करोड़ रुपये की संपत्तियां मुक्त

कुर्क की गयी जिला पंचायत सदस्य देवेंद्र सिंह उर्फ गब्बर की 110 करोड़ रुपये की संपत्तियां मुक्त

कुर्क की गयी जिला पंचायत सदस्य देवेंद्र सिंह उर्फ गब्बर की 110 करोड़ रुपये की संपत्तियां मुक्त
Modified Date: April 9, 2026 / 10:49 pm IST
Published Date: April 9, 2026 10:49 pm IST

बहराइच (उप्र), नौ अप्रैल (भाषा) उच्चतम न्यायालय द्वारा हाल में कार्यवाही रद्द किये जाने के बाद जिला पंचायत सदस्य देवेन्द्र सिंह उर्फ गब्बर की लगभग 110 करोड़ रुपये की कुर्क की गई एक दर्जन संपत्तियां मुक्त कर दी गयी हैं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि शीर्ष अदालत के आदेश पर जिला प्रशासन ने सात अप्रैल को सिंह से जुड़ी लगभग एक दर्जन संपत्तियों को मुक्त कर दिया।

पयागपुर थाना क्षेत्र के मोहनपुर माफी गांव के निवासी देवेन्द्र सिंह पर हत्या के प्रयास, अपहरण और जबरन वसूली सहित 50 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। देवेन्द्र सिंह के भाई रवीन्द्र सिंह ग्राम प्रधान हैं।

पुलिस ने 2022 में गब्बर पर एक लाख रुपये और उसके साथी मनीष जयसवाल पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। धोखाधड़ी, अतिक्रमण और जबरन वसूली के कई मामलों के बाद, पुलिस ने उसके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट भी लगाया।

दोनों को उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने फरवरी 2022 में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। उस साल जुलाई में गब्बर के खिलाफ औपचारिक रूप से गैंगस्टर एक्ट लगाया गया था। उससे जुड़ी लगभग एक दर्जन संपत्तियों को तत्कालीन जिला मजिस्ट्रेट ने कुर्क कर लिया था।

गब्बर को पिछले साल जमानत मिल गई थी और बाद में वह जेल से रिहा हो गया।

उसके वकील उत्तम सिंह ने कहा कि उच्च न्यायालय से कोई राहत नहीं मिलने के बाद पिछले साल गैंगस्टर एक्ट की प्राथमिकी को रद्द करने की मांग वाली याचिका उच्चतम न्यायालय में दायर की गई थी।

वकील ने कहा, ‘‘उच्चतम न्यायालय के समक्ष अपने हलफनामे में, राज्य सरकार ने कहा कि देवेंद्र सिंह भू-माफिया नहीं थे, जिसके बाद अदालत ने उनके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट की कार्यवाही को रद्द कर दिया।’’

उन्होंने कहा कि अदालत के आदेश के अनुपालन में, प्रशासन ने सात अप्रैल को शहर में एक गेस्ट हाउस, छह बाजार की दुकानें, चार भूखंड और एक आवासीय घर सहित संपत्तियां मुक्त कर दीं। उन्होंने कहा कि कैसरगंज तहसील में एक अन्य संपत्ति को भी मुक्त कराने की कार्यवाही चल रही है।

नगर मजिस्ट्रेट राजेश प्रसाद ने कहा कि संपत्तियों को 2022 में जारी आदेशों के तहत कुर्क किया गया था।

भाषा सं जफर राजकुमार

राजकुमार


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