अविमुक्तेश्वरानंद ने गोरक्षा अभियान के लिए तीन मई से 81 दिवसीय ‘गविष्टि यात्रा’ की घोषणा की

अविमुक्तेश्वरानंद ने गोरक्षा अभियान के लिए तीन मई से 81 दिवसीय 'गविष्टि यात्रा' की घोषणा की

अविमुक्तेश्वरानंद ने गोरक्षा अभियान के लिए तीन मई से 81 दिवसीय ‘गविष्टि यात्रा’ की घोषणा की
Modified Date: March 11, 2026 / 10:13 pm IST
Published Date: March 11, 2026 10:13 pm IST

लखनऊ, 11 मार्च (भाषा) संत स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने गाय को ‘राष्ट्र माता’ का दर्जा देने और देशभर में गोहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध की मांग को लेकर तीन मई से 81 दिवसीय राज्यव्यापी अभियान शुरू करने की बुधवार को घोषणा की। उन्होंने यहां आयोजित एक सभा में बताया कि ‘गविष्टि यात्रा’ नाम का यह अभियान तीन मई को गोरखपुर से शुरू होगा और राज्य के विभिन्न जिलों व गांवों से गुजरते हुए 23 जुलाई को गोरखपुर में ही समाप्त होगा।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि ‘गविष्टि’ एक वैदिक शब्द है, जिसका प्रयोग गायों की रक्षा के संदर्भ में किया जाता है।

उन्होंने कहा, “यह यात्रा एक प्रकार की परिक्रमा होगी। इसकी शुरुआत गोरखपुर से होगी और समापन भी वहीं होगा।”

अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि यात्रा के माध्यम से लोगों के बीच गोरक्षा और जमीनी स्तर पर उसकी वास्तविक स्थिति के बारे में जागरूकता फैलाने का प्रयास किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि लखनऊ में आयोजित यह सभा गोरक्षा के लिए “धर्म युद्ध” की शुरुआत का प्रतीक है।

‘गौ प्रतिष्ठा ध्वज स्थापना, धर्म युद्ध शंखनाद सभा’ विषयक यह कार्यक्रम स्थानीय प्रशासन की अनुमति से 26 शर्तों के साथ आयोजित किया गया था।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने इन शर्तों को “अव्यावहारिक” बताया।

उन्होंने अपने संबोधन के दौरान उपस्थित लोगों से उनकी राजनीतिक संबद्धता के बारे में भी पूछा।

अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि मीडिया में खबरें हैं कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी जैसे विपक्षी दलों के समर्थक उनके अभियान का समर्थन कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, “जब हमने यहां मौजूद लोगों से पूछा, तो अधिकांश ने स्वयं को भाजपा समर्थक बताया। इससे पता चलता है कि समर्थन किस तरह तेजी से बदल रहा है और लोग किस प्रकार अपनी राय बना रहे हैं।”

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने हालांकि स्पष्ट किया कि यह एक धार्मिक बैठक है और इसका उद्देश्य राजनीति नहीं बल्कि धर्म से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करना है।

उन्होंने उपस्थित लोगों से कार्यक्रम स्थल से जाने से पहले अपना नाम और फोन नंबर दर्ज कराने का आग्रह किया और कहा कि उन्हें अभियान के “संस्थापक सदस्यों” में शामिल किया जाएगा।

अविमुक्तेश्वरानंद ने दावा किया कि हाल में उत्तर प्रदेश सरकार ने गायों के कल्याण के लिए अब तक का सबसे बड़ा बजट आवंटित किया है, जो गोरक्षा को लेकर बढ़ते जनदबाव का परिणाम है।

उन्होंने 81 दिवसीय यात्रा के समापन के बाद 24 जुलाई को लखनऊ स्थित कांशीराम स्मृति उपवन में एक बड़ी सभा आयोजित करने की भी घोषणा की।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि तीन मई को यात्रा शुरू होने से पहले तक जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा ताकि देशभर में गोहत्या पर प्रतिबंध और गाय को ‘राष्ट्र माता’ का दर्जा देने की मांग के लिए जनसमर्थन जुटाया जा सके।

उन्होंने कहा कि आंदोलन में भाग लेने वाले लोगों को समाज का मार्गदर्शन करने की भूमिका निभानी होगी।

अविमुक्तेश्वरानंद ने वाराणसी से लखनऊ की यात्रा के दौरान लोगों से मिली जानकारी का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि सरकारी दावों के बावजूद कई स्थानों पर गोहत्या की घटनाएं अब भी हो रही हैं।

उन्होंने कहा कि अगर शासक सही मार्ग से भटकते हैं तो उन्हें मार्गदर्शन देना संतों और धार्मिक नेताओं का पारंपरिक कर्तव्य रहा है।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने साथ ही दोहराया कि उनका अभियान किसी राजनीतिक दल का गठन करने या किसी दल का समर्थन करने के लिए नहीं है। उन्होंने उपस्थित लोगों से इस अभियान से जुड़े रहने और यात्रा के दौरान अपने-अपने क्षेत्रों में गोरक्षा का संदेश फैलाने में सहयोग करने अपील की।

भाषा किशोर जफर जितेंद्र

जितेंद्र


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