अयोध्या का विकास भव्यता, आस्था और आधुनिकता का संतुलित मॉडल बने: योगी आदित्यनाथ

अयोध्या का विकास भव्यता, आस्था और आधुनिकता का संतुलित मॉडल बने: योगी आदित्यनाथ

अयोध्या का विकास भव्यता, आस्था और आधुनिकता का संतुलित मॉडल बने: योगी आदित्यनाथ
Modified Date: October 28, 2025 / 09:12 pm IST
Published Date: October 28, 2025 9:12 pm IST

लखनऊ, 28 अक्टूबर (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी बनाने पर जोर देते हुए मंगलवार को कहा कि इसका विकास भव्यता, आस्था और आधुनिकता का संतुलित मॉडल होना चाहिए।

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी ने ‘अयोध्या महायोजना-2031’ से संबंधित प्रस्तावों की समीक्षा करते हुए कहा “अयोध्या का विकास भव्यता, आस्था और आधुनिकता — तीनों का समन्वित रूप होना चाहिए।”

उन्होंने कहा कि इस महायोजना का उद्देश्य अयोध्या को सुनियोजित, सुव्यवस्थित और सतत विकास के साथ विश्व की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करना है।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि विकास कार्यों में अयोध्या की सांस्कृतिक पहचान, धार्मिक गरिमा और पर्यावरणीय संतुलन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।

महायोजना के विभिन्न बिंदुओं पर विभागीय अधिकारियों से चर्चा करते हुए योगी ने कहा कि ‘अयोध्या विजन 2047’ के तहत अयोध्या को वैश्विक आध्यात्मिक नगरी, ज्ञान नगरी, उत्सव नगरी, तीर्थ अनुकूल अवसंरचना, विविधीकृत पर्यटन, ऐतिहासिक सर्किट और ‘हेरिटेज वॉक’, हरित एवं सौर ऊर्जा आधारित नगरी के रूप में विकसित किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि यह महायोजना अयोध्या के सतत विकास की आधारशिला बनेगी।

बैठक में बताया गया कि योजना के तहत अयोध्या विकास क्षेत्र को 18 जोनों में विभाजित किया गया है ताकि संतुलित भूमि उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।

प्रस्तावित 23.94 लाख की अनुमानित जनसंख्या को ध्यान में रखते हुए 52.56 प्रतिशत भूमि आवासीय, 5.11 प्रतिशत वाणिज्यिक, 4.65 प्रतिशत औद्योगिक, 10.28 प्रतिशत सार्वजनिक उपयोग, 12.20 प्रतिशत परिवहन, और 14.31 प्रतिशत हरित एवं खुले क्षेत्र के लिए नियोजित की गई है।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि मिश्रित और औद्योगिक भूमि को बढ़ाया जाए, साथ ही पंचकोसी और चौदह कोसी परिक्रमा मार्गों पर विविध गतिविधियों के लिए भूमि आरक्षित की जाए।

बैठक में बताया गया कि वर्तमान में अयोध्या की जनसंख्या लगभग 11 लाख है, जो 2031 तक 24 लाख और 2047 तक 35 लाख तक पहुंचने का अनुमान है।

इसे ध्यान में रखते हुए नए आवासीय शहर, भव्य प्रवेश द्वार, बहुस्तरीय पार्किंग, 84 कोसी परिक्रमा मार्ग, ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे, रिंग रोड, हवाई अड्डा, मंदिर संग्रहालय, सौर ऊर्जा संयंत्र, होटल और आधुनिक नागरिक सुविधाएं महायोजना का हिस्सा हैं।

बैठक में यह भी बताया गया कि अयोध्या विकास क्षेत्र में 159 निवेश परियोजनाएं स्वीकृत हैं, जिनमें 8,594 करोड़ रुपये का निवेश होने की संभावना है।

भाषा आनन्द खारी

खारी


लेखक के बारे में