समाजवादी सरकार बनने जा रही, इसलिए भाजपाई घबराये हुए हैं: अखिलेश यादव

समाजवादी सरकार बनने जा रही, इसलिए भाजपाई घबराये हुए हैं: अखिलेश यादव

समाजवादी सरकार बनने जा रही, इसलिए भाजपाई घबराये हुए हैं: अखिलेश यादव
Modified Date: April 6, 2026 / 07:17 pm IST
Published Date: April 6, 2026 7:17 pm IST

कन्नौज (उप्र) छह अप्रैल (भाषा) समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोमवार को दावा किया कि अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव में समाजवादी सरकार बनने जा रही है, इसलिए ‘भाजपाई’ घबराये हुए हैं।

यादव ने सोमवार को यहां एक कार्यक्रम से संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि ‘‘संविधान, लोकतंत्र और आरक्षण बचाने की जिम्मेदारी पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) की है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर का संविधान, डॉ. राममनोहर लोहिया के सिद्धांत और नेताजी मुलायम सिंह यादव के संघर्ष के रास्ते पर समाजवादी पार्टी चल रही है।’’

यादव ने कहा कि “समाजवादी अन्याय के विरूद्ध डटकर मुकाबला करते हैं। संविधान और लोकतंत्र बचाने के लिए समाजवादी और पीडीए मिलकर लड़ेगा।’’

लखनऊ में सपा के राज्य मुख्यालय से जारी एक बयान के मुताबिक पार्टी अध्यक्ष ने कहा कि “हम चाहते है जल्दी से जल्दी युद्ध खत्म हो। हम समाजवादी लोग युद्ध के खिलाफ रहे हैं। युद्ध खत्म होगा तो हमारी अर्थव्यवस्था जो खराब हो रही है वह सुधरेगी।”

उन्होंने कहा, ‘‘युद्ध की वजह से गैस सिलेंडर के लिए लाइनें लग रही है। भाजपा सरकार खाली सिलेंडर तो दे सकती है लेकिन भरे सिलेंडर नहीं दे पा रही है।’’

यादव ने कहा, ‘‘जिस तरह से खाद की बोरी से खाद की चोरी कर ली वैसे ही गैस सिलेंडर नपवा लो तो वजन कम ही मिलेगा। सुना है किरोसिन बिकने लगा है। इंडक्सन प्लेटे बिकने लगी है। जिस समय चुनाव खत्म हो जाएगा डीजल-पेट्रोल की कीमते बढ़ जाएगी।’’

सपा प्रमुख ने कहा, ‘‘हमें 2027 की तैयारी करनी है। कन्नौज में तीनों सीटें जीतनी है। सभी सीटें समाजवादी पार्टी जीतने जा रही है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)जब जनता से हार जाती है तब चुनाव आयोग से मिलकर साजिश करती है।’’

यादव ने कहा कि सपा महिलाओं को आरक्षण, सम्मान और अधिकार मिलने के पक्ष में है, लेकिन भाजपा सरकार की नीयत सही से आरक्षण देने की नहीं है।

यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा वह दल है जिसने भारत का झंडा कभी नहीं अपनाया।

भाषा सं आनन्द धीरज

धीरज


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