भाजपा के ‘मल्टी लेयर इलेक्शन माफिया’ मॉडल ने पूरे लोकतंत्र को जकड़ लिया : अखिलेश
भाजपा के ‘मल्टी लेयर इलेक्शन माफिया’ मॉडल ने पूरे लोकतंत्र को जकड़ लिया : अखिलेश
लखनऊ, छह मई (भाषा) समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश और देश के विभिन्न चुनावों में ‘10 नंबरी मल्टी लेयर इलेक्शन माफिया’ के सक्रिय होने का आरोप लगाते हुए बुधवार को कहा कि सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के इस मॉडल ने पूरे लोकतंत्र को ‘जकड़’ लिया है।
यादव ने यहां संवाददाता सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए भाजपा और निर्वाचन आयोग पर विभिन्न चुनावों व उपचुनावों में मिलकर धांधली कराने के गम्भीर आरोप लगाये और कहा कि देश में ‘मल्टी लेयर इलेक्शन माफिया’ सक्रिय है।
सपा प्रमुख ने किसी का नाम लिये बगैर कहा कि ‘अनरजिस्टर्ड, अंडरग्राउंड संघी साथी आज भी खुफियागीरी और मुखबिरी कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, “जब चुनाव होता है तो ‘अनरजिस्टर्ड संघी’ साथी हर बूथ स्तर पर खुफियागीरी करते हैं। ये लोग विभिन्न संस्थाओं का मुखौटा लगाकर धर्म, न्याय क्षेत्र एवं विश्वविद्यालयों, संस्कृति, भाषा, संस्कार के संगठनों या परिषदों के रूप में देश को अपने स्वार्थ के लिए दीमक की तरह खोखला कर रहे हैं। इनके तार विदेशों तक से जुड़े हुए हैं इसलिए आजकल यह स्वदेशी वाले विदेशी भ्रमण पर रहते हैं।”
सपा प्रमुख ने वर्ष 2022 में हुए उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में छिबरामउ, मड़ियाहूं और शाहगंज सीट तथा उसके बाद हुए कुंदरकी, रामपुर और मिल्कीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव में सपा को नजदीकी हार में धांधली का आरोप लगाये और कहा कि पार्टी ने निर्वाचन आयोग से इस ‘वोटों की डकैती’ की अनेक शिकायतें कीं लेकिन आयोग ने एक पर भी कार्रवाई नहीं की।
यादव ने अपने दावे के समर्थन में चुनाव आयोग को लिखे गये शिकायती पत्रों के बंडल भी दिखाये।
सपा प्रमुख ने कहा कि सपा ने भाजपा की ‘वोट डकैती’ से जुड़े 18 हजार मामले पकड़े थे लेकिन आयोग ने उनमें से एक पर भी कार्रवाई नहीं की।
उन्होंने कहा कि एक अधिकारी जिसे भ्रष्टाचार के मामले में दोषी पाया गया, उसे भाजपा ने इस शर्त पर रियायत देने को कहा कि वह मिल्कीपुर का चुनाव सपा से ‘लूट’ ले।
यादव ने चुनाव में पूरी तैयारी के साथ धांधली किये जाने का आरोप लगाते हुए कहा, “अब मतगणना नहीं होती बल्कि मनगणना होती है और उसके लिए पूरी रणनीति के साथ तैयारी रहती है। जब मतगणना होती है तो पहले से ही लोगों का मन बनवा दिया जाता है, नजरिया तैयार किया जाता है। पहले ही दबाव बना लेते हैं कि परिणाम क्या आने वाला है।”
भाषा सलीम जितेंद्र
जितेंद्र

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