बुद्ध का शांति संदेश आज भी सबसे प्रासंगिक : केशव प्रसाद मौर्य

बुद्ध का शांति संदेश आज भी सबसे प्रासंगिक : केशव प्रसाद मौर्य

बुद्ध का शांति संदेश आज भी सबसे प्रासंगिक : केशव प्रसाद मौर्य
Modified Date: May 1, 2026 / 08:35 pm IST
Published Date: May 1, 2026 8:35 pm IST

कुशीनगर, एक मई (भाषा) उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर कुशीनगर में आयोजित एक समारोह में कहा कि भगवान बुद्ध का शांति, करुणा और अहिंसा का संदेश आज पहले से अधिक प्रासंगिक है।

उन्होंने कहा, “जब दुनिया युद्ध और अशांति से जूझ रही है, तब बुद्ध के बताए मार्ग पर चलकर ही स्थायी शांति संभव है। भारत ने दुनिया को युद्ध नहीं, बुद्ध का संदेश दिया है।”

मौर्य ने भिक्षु संघों, बौद्ध अनुयायियों और जनप्रतिनिधियों को बुद्ध पूर्णिमा की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में कुशीनगर, श्रावस्ती, सारनाथ, संकिसा, कौशांबी समेत भगवान बुद्ध से जुड़े सभी पवित्र स्थलों का अभूतपूर्व विकास हुआ है।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को और अधिक सक्रिय करने के लिए प्रदेश सरकार गंभीरता से प्रयास कर रही है, ताकि विश्वभर के बौद्ध श्रद्धालुओं को सुविधा मिल सके।

अपने रूस प्रवास का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें बुद्ध के पवित्र अवशेष लेकर काल्मिकिया भेजा था।

उन्होंने कहा, “वहां जिस श्रद्धा के साथ स्वागत हुआ, वह भारत की आध्यात्मिक शक्ति और बुद्ध के प्रति वैश्विक आस्था का प्रमाण है।”

मौर्य ने कहा कि 40 से अधिक बौद्ध देशों के साथ भारत के संबंधों को मजबूत करने में बुद्ध की शिक्षाओं की अहम भूमिका है।

समारोह को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि कोई भी लड़ाई युद्ध से नहीं, बल्कि बुद्ध के संदेशों से जीती जा सकती है।

पाठक ने कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में भारत बुद्ध के संदेशों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचा रहा है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बुद्ध से जुड़े स्थलों और बाबा साहब भीमराव आंबेडकर के स्मारकों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने विधायकों से अपनी निधि से इन स्थलों के विकास में सहयोग करने का आग्रह भी किया।

इस अवसर पर दोनों उपमुख्यमंत्रियों ने बुद्ध पूर्णिमा और अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने श्रमिक सम्मान की नयी परंपरा स्थापित की है, जिसका उदाहरण प्रयागराज महाकुंभ में सफाईकर्मियों के सम्मान और अयोध्या व काशी में श्रमिकों के सम्मान के रूप में देखा गया है।

इससे पहले कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने दोनों उपमुख्यमंत्रियों का स्वागत किया, जबकि बौद्ध भिक्षु संघ के अध्यक्ष ने उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।

भाषा

सं, आनन्द रवि कांत


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