कांग्रेस और सपा ने अविमुक्तेश्वरानंद मामले में अदालत के फैसले को ‘न्याय और सत्य की जीत’ बताया
कांग्रेस और सपा ने अविमुक्तेश्वरानंद मामले में अदालत के फैसले को ‘न्याय और सत्य की जीत’ बताया
लखनऊ/वाराणसी, 27 फरवरी (भाषा) इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के विरूद्ध यौन शोषण मामले में उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाने संबंधी आदेश के बाद कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) ने शुक्रवार को अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह फैसला न्याय और सत्य की जीत का प्रतीक है।
इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने बटुकों के कथित यौन शोषण मामले में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की गिरफ्तारी पर शुक्रवार को रोक लगा दी और कहा कि निर्णय आने तक उन्हें गिरफ्तार नहीं किया जाएगा।
न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की और से दायर अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया।
शंकराचार्य के गिरफ्तारी पर अदालत से रोक लगने पर प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि अदालत द्वारा पूज्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी की संभावित गिरफ्तारी पर रोक लगाने का फैसला न्याय और सत्य की जीत का प्रतीक है। अदालत ने संविधान और विधि के अनुरूप निष्पक्ष निर्णय देकर लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि शंकराचार्य जी का अपमान पूरे सनातन धर्म का अपमान है। शंकराचार्य भगवान के स्वरूप हैं और उनके सम्मान से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ कदापि स्वीकार्य नहीं है।
अजय राय ने कहा, ‘‘काशी सदियों से संत परंपरा की पवित्र भूमि रही है, जहां संतों का सम्मान सर्वोपरि माना जाता है। ऐसी पावन परंपरा को ठेस पहुंचाने का कोई भी प्रयास निंदनीय है।’’
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने इस मुद्दे पर तथ्य और प्रमाण के साथ जनता के बीच सच्चाई रखी और उत्तर प्रदेश के प्रत्येक जिले में हमारे जिला/ महानगर अध्यक्ष द्वारा प्रदर्शन किया गया।
राय ने कहा कि संत समाज और पूज्य शंकराचार्य जी की गरिमा की रक्षा के लिए कांग्रेस कार्यकर्ता पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी निश्चित रूप से इस लड़ाई को सड़क से लेकर सदन तक पूरी ताकत के साथ लड़ेगी और संत समाज के सम्मान पर किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगी।
समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता और घोसी (मऊ) के सांसद राजीव राय ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा स्वामी की गिरफ्तारी पर रोक लगाए जाने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए शुक्रवार को कहा कि अदालत ने साबित किया है कि सत्य को कोई पराजित नहीं कर सकता है। यह सत्य की विजय का प्रतीक है। उन्होंने अदालत के प्रति आभार जताया।
भाषा सं मनीष आनन्द
सिम्मी संतोष
संतोष

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