सीतापुर में दर्ज दुष्कर्म के मामले में कांग्रेस सांसद राकेश राठौर बरी
सीतापुर में दर्ज दुष्कर्म के मामले में कांग्रेस सांसद राकेश राठौर बरी
लखनऊ, 26 सितंबर (भाषा) इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने सीतापुर में दर्ज दुष्कर्म के एक मामले में कांग्रेस सांसद राकेश राठौर को यह कहते हुए बरी कर दिया है कि अभियोजन पक्ष के साक्ष्य से शिकायतकर्ता और याचिकाकर्ता के बीच लंबे समय से सहमति से संबंध होने का संकेत मिलता है।
न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी ने शुक्रवार को पारित एक आदेश में कहा कि यह आरोप कि राठौर ने शिकायतकर्ता से शादी करने का वादा करके शारीरिक संबंध स्थापित किया था, प्रथम दृष्टया कथित अपराध के होने को लेकर गंभीर संदेह पैदा करता है।
अदालत ने पाया कि शिकायतकर्ता ने कहा था कि वह एक जनसभा के दौरान राठौर से मिली जिसके बाद राठौर ने उसे राजनीतिक संरक्षण की पेशकश की। उसने यह पेशकश स्वीकार कर ली और इसके बाद दोनों के बीच नजदीकी बढ़ी जिसके परिणामस्वरूप उसे एक संगठन का जिला महिला अध्यक्ष नियुक्त किया गया।
अदालत ने शिकायतकर्ता के पति के बयान का भी हवाला दिया जिसने कहा कि राठौर अक्सर उसकी पत्नी को अपने घर पर बुलाते थे और कभी-कभी वह देर रात तक वहां रहती थी।
अदालत ने कहा, “उक्त परिस्थितियों के आधार पर अभियोजन पक्ष की सामग्री दो विवाहित और परिपक्व वयस्कों के बीच लंबे समय से विवाहेतर और परस्पर सहमति से बने संबंध का संकेत देती है।”
अदालत ने कहा कि शादी करने के वादे पर संबंध स्थापित किए जाने का आरोप तथ्य के विपरीत है। अदालत ने शिकायतकर्ता के पति, उसके विवाहित बेटे और बहू का भी बयान संज्ञान में लिया।
अदालत ने कहा, “ऐसे विरोधाभासी और निराधार आरोपों के आधार पर आपराधिक मुकदमा जारी रखना, कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग होगा।’’
शिकायतकर्ता ने जनवरी, 2025 में सीतापुर में कोतवाली पुलिस थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी जिसमें उसने आरोप लगाया था कि राठौर ने 2020 में उससे दुष्कर्म किया और बाद में यह आश्वासन देकर शारीरिक संबंध स्थापित किया कि वह अपनी पत्नी को तलाक देकर उससे शादी करेंगे।
अधीनस्थ अदालत ने आरोप से बरी करने का अनुरोध करने वाली राठौर की अर्जी खारिज कर दी थी और उनके खिलाफ आरोप तय किए थे। उच्च न्यायालय ने अधीनस्थ अदालत के पांच मई, 2025 के आदेश को रद्द कर दिया और राठौर को बरी कर दिया।
भाषा सं राजेंद्र रंजन संतोष
संतोष

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