शह मात The Big Debate: परिवहन अब ‘सुगम’, प्रदेश में शुरू हुई सीएम सुगम परिवहन सेवा और पीएम ई-बस सेवा, कांग्रेस के आरोपों में है कितनी सच्चाई?

CM Sugam Parivahan Sewa MP: नितिन गडकरी ने इन बसों को हरी झंडी दिखाकर मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा और पीएम ई-बस सेवा की शुरुआत की।

शह मात The Big Debate: परिवहन अब ‘सुगम’, प्रदेश में शुरू हुई सीएम सुगम परिवहन सेवा और पीएम ई-बस सेवा, कांग्रेस के आरोपों में है कितनी सच्चाई?

CM Sugam Parivahan Sewa MP/Image Credit: IBC24

Modified Date: September 25, 2026 / 11:48 pm IST
Published Date: September 25, 2026 11:39 pm IST
HIGHLIGHTS
  • आज एमपी में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा और पीएम ई-बस सेवा की शुरुआत हुई।
  • परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने बसों को हरी झंडी दिखाकर योजनाओं का शुभारंभ किया।
  • विपक्ष ने सरकार पर नई योजना के नाम पर श्रेय लूटने का लगाया आरोप।

CM Sugam Parivahan Sewa MP: भोपाल: भगवा रंग में रंगी, चमचमाती और आधुनिक सुविधाओं से लैस ये बसें एमपी में तकरीबन 21 साल के बाद सरकारी तौर पर सुगम बस परिवहन सेवा की शुरुआत के लिए खड़ी हैं। सीएम डॉक्टर मोहन यादव और केन्द्रीय भूतल परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने इन बसों को हरी झंडी दिखाकर मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा और पीएम ई-बस सेवा की शुरुआत की। ये 351 बसें फिलहाल 7 शहरों में इंटरसिटी और इंट्रासिटी संचालित होंगी। सीएम ने इस सेवा की बाकी खूबियां तो गिनाई हीं, साथ ही ये जोड़ना भी नहीं भूले कि भगवा रंग की बसें देखकर कांग्रेस के सीने में सांप लोटने लगेगा।

जब किसी बड़ी योजना की शुरुआत में सीएम सीधा हमला कांग्रेस पर करेंगे तो ज़ाहिर है कि पलटवार वहां से भी होना तय ही था। (CM Sugam Parivahan Sewa MP) कांग्रेस कह रही है कि पहले चलने वाला राज्य परिवहन निगम घाटे में गया इनकी ही सरकार के कार्यकाल में, बंद भी इन्ही की सरकार में हुआ। अब नई योजना के नाम पर खटारा गाड़ियां लाकर ये श्रेय लूट रहे हैं।

CM Sugam Parivahan Sewa MP: इसमें कोई दो राय नहीं है कि अरसे बाद शुरू हुई ये सरकारी बस सेवा यात्रियों के लिए ज़रूरी तो थी ही लेकिन कुछ चुनौतियां इसके संचालन को लेकर भी बेशक हैं। सबसे बड़ी बात ये है कि पीपीपी मोड में शुरू हुई ये सेवा कितनी स्थाई रह पाएगी। जिन रूट्स पर प्राइवेट बसें अभी चल रही हैं, उनके परमिट क्या रद्द होंगे? सवाल ये भी कि जिस बेहद खर्चीले उपक्रम के कारण निगम पहले बंद हुआ था, क्या उसकी दिक्कत आगे नहीं आएगी।

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