सैयद सालार मसूद गाजी की दरगाह पर लगने वाले उर्स का विवाद पहुंचा उच्च न्यायालय

सैयद सालार मसूद गाजी की दरगाह पर लगने वाले उर्स का विवाद पहुंचा उच्च न्यायालय

सैयद सालार मसूद गाजी की दरगाह पर लगने वाले उर्स का विवाद पहुंचा उच्च न्यायालय
Modified Date: May 7, 2025 / 10:51 pm IST
Published Date: May 7, 2025 10:51 pm IST

लखनऊ, सात मई (भाषा) उत्तर प्रदेश के बहराइच में सैयद सालार मसूद गाजी की दरगाह पर सालाना लगने वाले उर्स पर इस बार प्रतिबंध लगाने का मामला उच्च न्यायालय पहुंच गया है।

इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ ने इस मसले पर दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को अपना पक्ष रखने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 14 मई को होगी।

यह आदेश न्यायमूर्ति राजन राय व न्यायमूर्ति ओम प्रकाश शुक्ला की पीठ ने वक्फ नंबर 19 दरगाह शरीफ, बहराइच की ओर से दाखिल रिट याचिका पर पारित किया।

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याची की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता लालता प्रसाद मिश्र का तर्क था कि यह दरगाह 1375 ई में फिरोजशाह तुगलक ने सैय्यद सालार मसूद गाजी की याद में बनवाया था। यहां पर काफी लंबे समय से हर साल जेठ के महीने में एक माह का उर्स चलता है जिसमें देश विदेश से चार-पांच लाख लोग आते हैं।

इस बार उर्स 15 मई से शुरू होना है किन्तु स्थानीय प्रशासन ने इस बार उक्त उर्स की इजाजत देने से इंकार कर दिया है ।

मामले की सुनवाई अब 14 मई को होगी।

भाषा सं जफर रंजन

रंजन


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