उत्तर प्रदेश में आपराधिक घटनाओं में भारी कमी आई : सुरेश कुमार खन्‍ना

उत्तर प्रदेश में आपराधिक घटनाओं में भारी कमी आई : सुरेश कुमार खन्‍ना

उत्तर प्रदेश में आपराधिक घटनाओं में भारी कमी आई : सुरेश कुमार खन्‍ना
Modified Date: February 12, 2026 / 08:23 pm IST
Published Date: February 12, 2026 8:23 pm IST

लखनऊ, 12 फरवरी (भाषा) उत्तर प्रदेश सरकार के संसदीय कार्य एवं वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्‍ना ने बृहस्पतिवार को विधानसभा में कहा कि राज्य में आपराधिक घटनाओं में भारी कमी आई है और देश के कई राज्य अपराध के आंकड़ों में उत्तर प्रदेश से ऊपर हैं।

संसदीय कार्य मंत्री ने विधानसभा में बजट सत्र के चौथे दिन नियम 56-के तहत कार्यस्थगन के तहत समाजवादी पार्टी (सपा) की सदस्य डॉक्टर रागिनी सोनकर, अतुल प्रधान एवं अन्य सदस्‍यों के प्रस्ताव पर सरकार का पक्ष रखते हुए उनके आरोपों को खारिज किया।

सोनकर ने प्रयागराज में चार बच्‍चों के शव तालाब में पाये जाने और एक मुठभेड़ में अनुसूचित जाति के दो युवकों में एक की मौत और दूसरे के घायल होने का मसला उठाते हुए पूरी व्‍यवस्‍था पर सवाल उठाया।

सोनकर ने कहा कि खटीक समाज (अनुसूचित जाति) के चार बच्‍चों को बेरहमी से मार दिया गया तथा मकर संक्रांति की शाम को उनके घर से थोड़ी दूरी पर एक तालाब से 17, 16, 11, सात साल के चार बच्‍चों के शव पुलिस ने बरामद किये।

उन्होंने कहा कि इनके शरीर पर एक भी कपड़ा नहीं था ।

सोनकर ने एक पुलिस मुठभेड़ का ब्यौरा देते हुए कहा कि पुलिस मुठभेड़ बताकर अंधाधुंध फायरिंग करती है जबकि सजा देने का अधिकार सिर्फ अदालत का है।

सोनकर ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश दलित उत्पीड़न, पुलिस हिरासत में मौत और फर्जी मुठभेड़ में एक नंबर पर है।

प्रधान ने कार्यस्थगन की ग्राह्यता पर बल देते हुए मेरठ में एक मां की हत्या और उसकी बेटी के अपहरण तथा सरधना थानाक्षेत्र में सोनू कश्यप को जिंदा जलाने का मामला उठाया एवं सरकार को कटघरे में खड़ा किया। विपक्षी सदस्य इन मामलों को लेकर सदन की कार्यवाही रोककर चर्चा कराने की मांग कर रहे थे।

संसदीय कार्य मंत्री ने राष्‍ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के जारी 2023 तक के आंकड़ों के हवाले से कहा कि अपराध में मामलों में कई प्रांत उत्तर प्रदेश से आगे हैं और 2017 से लेकर 2023 तक के आंकड़ों को देखिए तो यहां अपराधों में लगातार गिरावट आई है।

खन्‍ना ने बताया कि अनुसूचित जाति-जनजाति की हत्या में 43 प्रतिशत की कमी आई है। उन्होंने कहा कि 2016 के मुकाबले में 2023 में महिलाओं से बलात्‍कार के मामले में 32 प्रतिशत की कमी आई है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के विरुद्ध त अपराध में उप्र का 17वां स्थान है और 16 प्रदेश इससे आगे हैं। पश्चिम बंगाल, तेलंगाना, राजस्थान और उड़ीसा सब उत्तर प्रदेश से ऊपर हैं।

उन्होंने कार्यस्थगन के तहत उठाए गए मामलों में की गई कार्रवाई का ब्यौरा दिया।

विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कार्यस्थगन के प्रस्ताव को अग्राह्य पर कर दिया।

भाषा आनन्द

राजकुमार

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