पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर देवरिया कारागार में अनिश्चित कालीन भूख हड़ताल पर

पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर देवरिया कारागार में अनिश्चित कालीन भूख हड़ताल पर

पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर देवरिया कारागार में अनिश्चित कालीन भूख हड़ताल पर
Modified Date: January 2, 2026 / 10:28 pm IST
Published Date: January 2, 2026 10:28 pm IST

देवरिया/गोरखपुर (उप्र), दो जनवरी (भाषा) देवरिया जिला जेल में बंद भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के पूर्व अधिकारी अमिताभ ठाकुर ने बृहस्पतिवार शाम से अनिश्चितकालीन अनशन (भूख हड़ताल) शुरू कर दी है।

उनका आरोप है कि अधिकारियों ने उनकी गिरफ्तारी से संबंधित सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध नहीं कराई है।

ठाकुर ने दावा किया कि बार-बार मांग करने के बावजूद शाहजहांपुर में ट्रेन के अंदर उनकी गिरफ्तारी के समय की सीसीटीवी और सीडीआर उन्हें उपलब्ध नहीं कराई गई है। उन्होंने गिरफ्तारी प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाया।

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कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच ठाकुर को शुक्रवार को देवरिया के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) की अदालत में पेश किया गया, जहां उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई हुई। अदालत ने विवेचक की अनुपस्थिति की वजह से सुनवाई शनिवार तक के लिए स्थगित कर दी।

शुक्रवार को अदालत परिसर में ठाकुर ने कहा कि वह बृहस्पतिवार शाम से भूख हड़ताल पर हैं और शाहजहांपुर रेलवे स्टेशन एवं थाने में उनकी गिरफ्तारी के समय की सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) की मांग कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि उन्होंने मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखा है और अदालत को भी अपने विरोध प्रदर्शन की जानकारी दी है तथा मामले में तत्काल हस्तक्षेप का अनुरोध किया है।

इस मामले में विवेचक ने केस डायरी और मामले से जुड़े अन्य कागजात एक आरक्षी के जरिए न्यायालय में प्रस्तुत किया। इस पर अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी कागजातों के साथ विवेचक को स्वयं उपस्थित होने को कहा।

इसके बाद जमानत अर्जी पर सुनवाई के लिए शनिवार का दिन तय कर दिया और अब शनिवार को दोबारा सुनवाई होगी।

ठाकुर की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता प्रवीण द्विवेदी और अभिषेक शर्मा ने अदालत के समक्ष जमानत के पक्ष में अपनी दलीलें प्रस्तुत कीं। दोनो अधिवक्ताओं ने अदालत से कहा कि प्रकरण 1999 का है और इस मामले में विवेचक के पास अपने मुकदमे के समर्थन में ठोस साक्ष्य नहीं हैं। इसके बावजूद प्राथमिकी में दर्ज कई धाराओं को अनावश्यक रूप से बनाए रखा गया है। इसको प्राथमिकी से हटाया जाना चाहिए।

ठाकुर पर पुरवा औद्योगिक एस्टेट में जमीन के आवंटन में अनियमितताओं का आरोप है, जिसमें कथित तौर पर उनकी पत्नी के नाम पर रिकॉर्ड में हेराफेरी शामिल है। सुनवाई के दौरान, उनके वकील ने प्रक्रियात्मक खामियों और अधिकारियों द्वारा सीसीटीवी फुटेज सहित महत्वपूर्ण सबूत उपलब्ध न कराने का हवाला देते हुए जमानत की अपील की।

प्रवीण द्विवेदी ने कहा, “ठाकुर अपनी गिरफ्तारी के समय के वीडियो फुटेज की मांग कर रहे हैं। उनका मानना है कि गिरफ्तारी के दौरान हुई घटनाओं के सही तथ्य सामने लाने के लिए ये वीडियो फुटेज आवश्यक हैं।”

ठाकुर दो बार देवरिया जिले के पुलिस अधीक्षक रह चुके हैं।

भाषा सं आनन्द

राजकुमार

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