जौहर विश्वविद्यालय को आसानी से ‘टेकओवर’ नहीं कर सकती सरकार : तजीन फातिमा

जौहर विश्वविद्यालय को आसानी से 'टेकओवर' नहीं कर सकती सरकार : तजीन फातिमा

जौहर विश्वविद्यालय को आसानी से ‘टेकओवर’ नहीं कर सकती सरकार : तजीन फातिमा
Modified Date: July 27, 2026 / 08:20 pm IST
Published Date: July 27, 2026 8:20 pm IST

रामपुर (उप्र), 27 जुलाई (भाषा) रामपुर के मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय को ध्वस्त करने के बजाए सरकार से उसे अपने अधीन लेकर संचालित किए जाने की मांग उठने के बीच संस्थान के संस्थापक और पूर्व मंत्री आजम खान की पत्नी तजीन फातिमा ने सोमवार को कहा कि संवैधानिक आबद्घताओं की वजह से सरकार इसे आसानी से अपने नियंत्रण में नहीं ले सकती।

फातिमा ने जौहर विश्वविद्यालय को ध्वस्त करने के रामपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) के आदेश के बाद पहली बार प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय पर बुलडोजर चलाने का प्राधिकरण का आदेश मनमाना, अलोकतांत्रिक और छात्र हित के बिल्कुल खिलाफ है।

जौहर विश्वविद्यालय को सरकार द्वारा अपने अधीन करके उसका संचालन करने की मांग के बारे में फातिमा कहा,‘‘यह वश्वविद्यालय इतनी आसानी से अधीन में नहीं लिया जा सकता है, क्योंकि संविधान में बहुत से ऐसे अनुच्छेद हैं जो अल्पसंख्यकों को अपनी संस्थाएं खोलने का और उन्हें चलाने का अधिकार देते हैं और इसे सरकार इतनी आसानी से अपने अधीन नहीं ले सकती।’

दरअसल, भाजपा नेता एवं आजम खां के पूर्व मीडिया प्रभारी फसाहत अली खान के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने विगत 22 जुलाई को मंडल आयुक्त आंजनेय कुमार सिंह से मुलाकात कर जौहर विश्वविद्यालय को ध्वस्त करने के बजाए उत्तर प्रदेश सरकार से अपने अधीन लेकर संचालित किए जाने की मांग की थी।

इस बीच, आजम खान के करीबी सहयोगी रहे वरिष्ठ सपा नेता आसिम राजा ने संवाददाताओं से कहा कि अगर सरकार द्वारा जौहर विश्वविद्यालय का नियंत्रण अपने हाथ में लेने की कोशिश की गई तो उसके खिलाफ एक बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।

आजम खान की पत्नी तजीन फातिमा ने सवाल पर कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव अभी तक जौहर विश्वविद्यालय के मामले में रामपुर नहीं आए हैं, कहा कि यादव ने अपना प्रतिनिधिमंडल रामपुर भेजा था और यह आश्वासन भी दिया है कि वह जल्द ही रामपुर पहुंचकर विश्वविद्यालय के गेट पर प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं को संबोधित करेंगे।

उन्होंने यह भी कहा कि यादव ने कहा है कि पूरी पार्टी जौहर विश्वविद्यालय के पक्ष में है।

इस सवाल पर कि क्या जौहर विश्वविद्यालय के खिलाफ रामपुर विकास प्राधिकरण के आदेश को लेकर आजम खान ने कोई संदेश दिया है, फातिमा ने कहा कि उनकी न तो खान से कोई मुलाकात हुई है और न ही उनका कोई पैगाम आया है।

इस बीच जौहर विश्वविद्यालय पर बुलडोजर चलाने के रामपुर विकास प्राधिकरण के आदेश के खिलाफ छात्र-छात्राओं का प्रदर्शन सोमवार को 12वें दिन भी जारी रहा।

रामपुर विकास प्राधिकरण ने पिछली 15 जुलाई को जौहर विश्वविद्यालय की 40 में से 38 इमारतों को बिना अनुमति लिए बनाए जाने का आरोप लगाते हुए उन्हें 15 दिन के अंदर खुद ध्वस्त करने का आदेश विश्वविद्यालय प्रशासन को दिया था।

क्या आजम खान की राजनीति और उनका वजूद खत्म करने के लिए यह कार्रवाई की जा रही है, इस सवाल पर फातिमा ने कहा, ‘आजम खान साहब की राजनीति और उनके वजूद को कोई नहीं खत्म कर सकता।’

इस बीच, लखनऊ में अपनी जनता पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने आरडीए के आदेश के खिलाफ प्रदर्शन की अगुवाई की।

मौर्य ने संवाददाताओं से कहा, ‘रामपुर में जौहर विश्वविद्यालय राज्य और देश का एक जाना-माना संस्थान है लेकिन, यह सरकार संकीर्ण सोच के कारण इसे गिराने की बात कर रही है। आज, अपनी जनता पार्टी के कार्यकर्ता जौहर यूनिवर्सिटी की सुरक्षा और बंद होने की कगार पर खड़े लाखों स्कूलों को बचाने की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे हैं।’

भाषा सलीम राजकुमार

राजकुमार


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