उच्च न्यायालय ने लखनऊ में ध्वनि प्रदूषण रोकने के उपायों पर नयी जानकारी मांगी

उच्च न्यायालय ने लखनऊ में ध्वनि प्रदूषण रोकने के उपायों पर नयी जानकारी मांगी

उच्च न्यायालय ने लखनऊ में ध्वनि प्रदूषण रोकने के उपायों पर नयी जानकारी मांगी
Modified Date: May 22, 2026 / 12:26 am IST
Published Date: May 22, 2026 12:26 am IST

लखनऊ, 21 मई (भाषा) इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने बृहस्पतिवार को अधिकारियों से राज्य की राजधानी में ध्वनि प्रदूषण खास तौर पर वाहनों में लगे ‘मॉडिफाइड साइलेंसर’ से होने वाले शोर को रोकने के लिए उठाए जा रहे कदमों के बारे में जानकारी मांगी।

न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति मनीष कुमार की खंडपीठ ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे जुलाई के दूसरे हफ्ते तक नए शपथपत्र दाखिल करें, जिसमें इस संबंध में उठाए गए कदमों का स्पष्ट विवरण दिया गया हो।

यह आदेश साल 2021 में ‘मॉडिफाइड साइलेंसर से होने वाले ध्वनि प्रदूषण’ के सिलसिले में दर्ज एक स्वतः संज्ञान जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान पारित किया गया था।

अदालत ने इससे पहले सभी संबंधित विभागों के जिम्मेदार अधिकारियों की एक समिति गठित करने का निर्देश दिया था, ताकि मॉडिफाइड साइलेंसर और इसी तरह के अन्य उपकरणों से होने वाले ध्वनि प्रदूषण की समस्या का समाधान किया जा सके।

भाषा सं सलीम गोला

गोला


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