भगवान राम के जीवन के आदर्श पूरी दुनिया में प्रासंगिक हैं: उप्र के संस्कृति मंत्री

भगवान राम के जीवन के आदर्श पूरी दुनिया में प्रासंगिक हैं: उप्र के संस्कृति मंत्री

भगवान राम के जीवन के आदर्श पूरी दुनिया में प्रासंगिक हैं: उप्र के संस्कृति मंत्री
Modified Date: February 11, 2025 / 02:38 pm IST
Published Date: February 11, 2025 2:38 pm IST

लखनऊ, 11 फरवरी (भाषा) उत्तर प्रदेश सरकार के संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने यहां अंतरराष्ट्रीय रामायण कॉन्क्लेव की शुरुआत की और कहा कि भगवान राम के जीवन के आदर्श पूरी दुनिया में प्रासंगिक हैं।

एक सरकारी बयान में सोमवार को यह जानकारी दी गयी गई।

राज्य के संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री ने कहा, ‘‘ अंतरराष्ट्रीय रामायण कॉन्क्लेव भारतीय संस्कृति और विरासत के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।’’

 ⁠

उन्होंने कहा, ‘‘भगवान राम के आदर्श, उनकी मर्यादा और धर्म पर आधारित शिक्षाएं न केवल भारत में बल्कि पूरे विश्व में प्रासंगिक हैं। इस तरह के आयोजन हमारी नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जुड़ने और रामायण के मूल्यों को अपने जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित करते हैं।’’

एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि कार्यक्रम के उद्घाटन के बाद इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में अभिनेता आशुतोष राणा अभिनीत नाटक ‘हमारे राम’ का मंचन किया गया।

इस अवसर पर पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश शील नागू, संस्कृति एवं पर्यटन विभाग के प्रधान सचिव मुकेश मेश्राम, संस्कृति निदेशक शिशिर सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

कार्यक्रम से पहले राणा ने कहा, ‘‘ भगवान श्री राम के दर्शन करने हैं तो रावण की दृष्टि चाहिए। परमात्मा श्री राम की कथा हमें जोड़ने का काम कर रही है और कथा तभी आनंद देती है, जब हमारी व्यथा समाप्त हो जाती है। जब परमात्मा हमारी व्यथा सुनते हैं तो वह कथा के रूप में प्रचलित हो जाती है। हम ‘हमारे राम’ के रूप में आनंद का संचार व विनिमय का रहे हैं।’’

भाषा आनन्द सिम्मी शोभना

शोभना


लेखक के बारे में