भारत के मौसम संबंधी आधारभूत ढांचे में अभूतपूर्व विस्तार हुआ : डॉक्टर जितेन्द्र सिंह
भारत के मौसम संबंधी आधारभूत ढांचे में अभूतपूर्व विस्तार हुआ : डॉक्टर जितेन्द्र सिंह
लखनऊ, आठ जून (भाषा) केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेन्द्र सिंह ने सोमवार को कहा कि पिछले दशक में भारत के मौसम संबंधी आधारभूत ढांचे में अभूतपूर्व विस्तार हुआ है, जिससे पूरे देश में मौसम का अधिक सटीक, स्थान-विशिष्ट और प्रभाव-आधारित पूर्वानुमान संभव हो पाया है।
एक सरकारी बयान के अनुसार सिंह ने सोमवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ यहां नए क्षेत्रीय मौसम केंद्र (आरएमसी) का उद्घाटन किया।
उन्होंने कहा कि 2014 में भारत में केवल ‘17 डॉप्लर मौसम रडार’ थे, जबकि जम्मू-कश्मीर, पंजाब और उत्तराखंड सहित कई राज्यों में एक भी रडार नहीं था।
उन्होंने बताया कि अब यह नेटवर्क बढ़कर 50 डॉप्लर मौसम रडार तक पहुंच गया है तथा ‘मिशन मौसम’ के तहत 50 और रडार लगाने का प्रस्ताव है, जिससे अगले दो वर्षों में कुल रडार की संख्या लगभग 100 हो जाएगी।
उन्होंने कहा कि इस विस्तार से पूरे देश में वास्तविक समय (रियल-टाइम) में मौसम की निगरानी और पूर्वानुमान की क्षमताएं काफी मजबूत होंगी।
सिंह ने कहा कि पिछले दशक में मौसम के पूर्वानुमान और निगरानी प्रणालियों में हुई प्रगति ने नागरिकों, आपदा प्रबंधन एजेंसियों, किसानों, पर्यटकों और विमानन क्षेत्र तक मौसम संबंधी सेवाएं पहुंचाने के तरीके को बदल दिया है।
उन्होंने कहा कि मौसम का पूर्वानुमान अब व्यापक क्षेत्रीय अनुमानों से आगे बढ़कर अत्यधिक स्थानीय और समय-विशिष्ट पूर्वानुमानों में बदल गया है।
मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि मौसम के पूर्वानुमान में जनता का बढ़ता भरोसा निगरानी नेटवर्क, पूर्वानुमान मॉडल और जानकारी पहुंचाने की प्रणालियों में किए गए बड़े सुधारों का परिणाम है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश बाढ़, सूखे, लू, आंधी-तूफान और मौसम की अन्य चरम घटनाओं के प्रति अत्यधिक संवेदनशील है, इसलिए सार्वजनिक सुरक्षा और आपदा की तैयारी के लिए समय पर पूर्वानुमान और चेतावनी प्रणालियां अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
उन्होंने बताया कि राज्य में ‘ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन’ 59 से बढ़कर 107 हो गए हैं तथा ऑटोमैटिक रेन गेज स्टेशन 132 से बढ़कर 140 और लाइटनिंग सेंसर 0 से बढ़कर 7 हो गए हैं।
उन्होंने कहा कि अब उत्तर प्रदेश के 11 हवाई अड्डों पर विमानन मौसम सेवाएं दी जा रही हैं, जो राज्य में विमानन बुनियादी ढांचे के बढ़ते दायरे को दिखाता है।
लखनऊ में नए घोषित क्षेत्रीय मौसम केंद्र के महत्व पर ज़ोर देते हुए, सिंह ने कहा कि यह केंद्र मौसम सेवाओं के विकेंद्रीकरण और क्षेत्रीय पूर्वानुमान क्षमताओं को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगा। उन्होंने बताया कि यह केंद्र उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और आस-पास के इलाकों के लिए काम करेगा, जिससे मौसम की जानकारी की बेहतर निगरानी, पूर्वानुमान और उसे लोगों तक पहुंचना आसान हो जाएगा।
भाषा आनन्द
राजकुमार
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