भूसा संग्रहण अभियान में तेजी लाने के निर्देश, लक्ष्य पूरा न करने पर कार्रवाई की चेतावनी

भूसा संग्रहण अभियान में तेजी लाने के निर्देश, लक्ष्य पूरा न करने पर कार्रवाई की चेतावनी

भूसा संग्रहण अभियान में तेजी लाने के निर्देश, लक्ष्य पूरा न करने पर कार्रवाई की चेतावनी
Modified Date: May 11, 2026 / 10:52 pm IST
Published Date: May 11, 2026 10:52 pm IST

लखनऊ, 11 मई (उप्र) उत्तर प्रदेश सरकार के पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने 15 अप्रैल से जारी ‘भूसा संग्रहण अभियान’ की समीक्षा करते हुए हमीरपुर, वाराणसी, प्रतापगढ़, औरैया और अयोध्या जिले के अधिकारियों को कार्यों में तेजी लाने की सख्त चेतावनी दी है।

एक आधिकारिक बयान के मुताबिक सिंह कहा कि गो आश्रय स्थलों में पशु आहार और भूसे की उपलब्धता हर हाल में सुनिश्चित हो तथा पूरे कार्य को मिशन मोड में किया जाए।

मंत्री ने कहा, ‘‘गोशालाओं में कोई भी गोवंश भूखा-प्यासा न रहे। निर्धारित समय में लक्ष्य पूरा न करने या लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई होगी।’’

मंत्री ने अधिकारियों से कहा, ‘‘गेहूं कटाई के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में भूसे की उपलब्धता अधिक होती है। इस अवसर का पूरा लाभ उठाकर लक्ष्य के अनुरूप भूसा संग्रहित किया जाए। सभी गोआश्रय स्थलों पर भूसा, हरा चारा, स्वच्छ पेयजल, छाया, चिकित्सा और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाए। पशुओं के टीकाकरण और दवाओं की गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।’’

मंत्री ने गो शालाओं में गोबर गैस संयंत्र लगाने पर जोर देते हुए कहा कि इससे गोबर का समुचित प्रबंधन होगा और गोआश्रय स्थल आत्मनिर्भर बनेंगे। उन्होंने कहा कि गोबर गैस और जैविक खाद से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी बल मिलेगा।

बैठक में बताया गया कि प्रदेश में 7,386 गो आश्रय स्थलों में 12,37,694 गोवंश संरक्षित हैं। मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के तहत 1,14,481 लाभार्थियों को 1,84,227 गोवंश सुपुर्द किए गए हैं। भूसा संग्रहण का कुल लक्ष्य 1.37 करोड़ कुंतल है, जिसमें से अब तक 1.11 करोड़ कुंतल संग्रहित हो चुका है। अभियान के तहत 1,905 अस्थायी और 7,285 स्थायी भूसा बैंक स्थापित किए गए हैं।

इसमें कहा गया कि जालौन, मुजफ्फरनगर, नोएडा, मिर्जापुर और महोबा ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया है।

भाषा आनन्द खारी

खारी


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