आईटीबीपी का भी उत्तर प्रदेश सरकार और उसके पुलिस बल से भरोसा उठा गया है : अखिलेश यादव

आईटीबीपी का भी उत्तर प्रदेश सरकार और उसके पुलिस बल से भरोसा उठा गया है : अखिलेश यादव

आईटीबीपी का भी उत्तर प्रदेश सरकार और उसके पुलिस बल से भरोसा उठा गया है : अखिलेश यादव
Modified Date: May 23, 2026 / 11:35 pm IST
Published Date: May 23, 2026 11:35 pm IST

लखनऊ, 23 मई (भाषा) समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव ने शनिवार को कानपुर के पुलिस आयुक्त के साथ भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के अधिकारियों की बैठक पर कटाक्ष करते हुए दावा किया कि आईटीबीपी का भी उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार और उसके पुलिस बल पर से ‘‘विश्वास उठ’’ गया है।

अखिलेश यादव ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार और उसकी पुलिस की नाइंसाफ़ी और ज़्यादती देखकर आईटीबीपी को भी इन पर भरोसा नहीं है।’’

सपा प्रमुख ने कहा, ‘‘दिल्ली का भरोसा लखनऊ से उठ गया है तभी आईटीबीपी ने ये घेराबंदी की होगी। ये कैसा डबल इंजन है जो एक-दूसरे के ख़िलाफ बंदूक ताने खड़ा है।’’

भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के अधिकारियों ने शनिवार को कानपुर के पुलिस आयुक्त से मुलाकात कर एक निजी अस्पताल में कथित चिकित्सा लापरवाही के मामले में कार्रवाई की मांग की, जिसके परिणामस्वरूप एक आईटीबीपी जवान की मां का हाथ काटना पड़ा।

पुलिस आयुक्तालय में सशस्त्र कर्मियों की मौजूदगी के कारण ऐसी खबरें आईं कि आईटीबीपी जवानों ने पुलिस आयुक्त के कार्यालय को ‘‘घेर’’ लिया है, लेकिन पुलिस और आईटीबीपी ने स्पष्ट रूप से ‘‘अफवाहों’’ का खंडन किया और कहा कि बैठक के लिए पहले से मुलाकात का समय लिया गया था।

आईटीबीपी जवान विकास सिंह ने आरोप लगाया था कि पुलिस अस्पताल के खिलाफ उसकी बार-बार की गई शिकायतों पर कार्रवाई करने में विफल रही थी और वह कटा हुआ हाथ सोमवार को पुलिस आयुक्त के कार्यालय में लेकर पहुंचे।

शनिवार को बैठक के बाद, पुलिस आयुक्त ने मामले में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) द्वारा नामित पुलिस अधिकारियों, आईटीबीपी चिकित्सा अधिकारियों और डॉक्टरों की एक संयुक्त जांच समिति के गठन का निर्देश दिया।

महाराजपुर में आईटीबीपी की 32वीं बटालियन में तैनात विकास सिंह ने कृष्णा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के डॉक्टरों पर उनकी 56 वर्षीय मां निर्मला देवी के इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है।

सिंह ने पुलिस अधिकारियों को बताया कि उनकी मां को सांस लेने में तकलीफ के बाद 13 मई को कृष्णा अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि उपचार के दौरान लगाए गए एक इंजेक्शन से उनकी मां के दाहिने हाथ में गंभीर सूजन और संक्रमण हो गया, जिसके कारण उनका हाथ काटना पड़ा।

भाषा जफर गोला

गोला


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