Who is Hiba Rana? ट्रिपल तलाक कानून का जमकर किया था विरोध, पति ने दिया तीन तलाक तो पहुंची कानून के शरण में, जानिए कौन हैं हिबा राणा
Who is Hiba Rana? ट्रिपल तलाक कानून का जमकर किया था विरोध, पति ने दिया तीन तलाक तो पहुंची कानून के शरण में, जानिए कौन हैं हिबा राणा
Who is Hiba Rana? ट्रिपल तलाक कानून का जमकर किया था विरोध, पति ने दिया तीन तलाक तो पहुंची कानून के शरण में, जानिए कौन हैं हिबा राणा / Image: IBC24 CustomizedWho is Hiba Rana? ट्रिपल तलाक कानून का जमकर किया था विरोध, पति ने दिया तीन तलाक तो पहुंची कानून के शरण में, जानिए कौन हैं हिबा राणा / Image: IBC24 Customized
- हिबा राना ने अपने पति सैय्यद मो. साकिब और ससुराल वालों पर प्रताड़ना का आरोप लगाया
- 9 अप्रैल 2025 को उनके पति ने उनके साथ मारपीट की
- हिबा और उनकी बहन सुमैया राना ने 2019 में 'तीन तलाक' कानून का जमकर विरोध किया था
लखनऊ: Who is Hiba Rana? मशहूर शायर मुनव्वर राणा की बेटी हिबा राणा ने अपने पति और ससुराल के खिलाफ प्रताड़ना का मामला दर्ज कराया है। हिबा का कहना है कि उनके ससुराल वाले लगातार दहेज के लिए प्रताड़ित कर रहे हैं, जबकि निकाह के दौरान उनके पिता ने जमकर दहेज दिया था। इतना ही नहीं हिबा कहना है कि उसके पति ने तीन तलाक उसे घर से धक्के मारकर बाहर निकाल दिया है। मामला सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर हिबा के खिलाफ ही लोगों ने मोर्चा खोल दिया है। अब आप सोच रहे होंगे कि लोग पीड़िता के खिलाफ ही क्यों हो गए हैं? तो चलिए आपको बताते हैं क्या है पूरा मामला…
हिबा ने लगाए गंभीर आरोप
Who is Hiba Rana? हिबा ने आरोप लगाया है कि, जैसे ही इनकी डिमांड पूरी होती थी ये फिर एक नै डिमांड करते थे। (Hiba Rana Triple Talaq Case) जब उनकी डिमांड का विरोध किया जाता था उसके साथ मारपीट भी की जाती थी। हिबा का आरोप है कि उसके पति ने उसे तीन बार तलाक बोलकर घर से निकाल दिया। हिबा की तरफ से लखनऊ के सहादतगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। SHO का कहना है कि, इस मामले में BNS की गंभीर धाराओंमें मुकदमा दर्ज है जांच की जा रही है।
9 अप्रैल 2025 को आया मामले में मोड़
मामले ने 9 अप्रैल 2025 को बेहद गंभीर मोड़ ले लिया। आरोप है कि उस दिन पति सैय्यद मो. साकिब ने गाली गलौज की और बेरहमी से मारपीट की। इसी दौरान तीन बार तलाक कहकर हिबा को घर से निकाल दिया गया। आरोप यह भी है कि दोनों मासूम बच्चों को एक कमरे में बंद कर दिया गया, ताकि वे बाहर न आ सकें। यह पल हिबा के लिए वैसा ही था, जैसे किसी बेहद करीबी सच्चाई को वीडियो कॉल पर देखकर भी यकीन न हो। ठीक वैसे ही, जैसे सुनेत्रा पवार को अजित पवार की मौत पर तब तक भरोसा नहीं हुआ था, जब तक उन्होंने खुद देखकर पुष्टि नहीं कर ली थी।
कौन हैं हिबा राणा?
हिबा राणा मशहूर उर्दू शायर मुनव्वर राणा की बेटी हैं। हिबा राणा मुनव्वर राणा के पांच बेटियों में से एक हैं, उनका जन्म और पालन-पोषण लखनऊ में हुआ। मुनव्वर राणा अपनी बेबाक शायरी और सामाजिक मुद्दों पर खुलकर बोलने के लिए जाने जाते थे। हिबा आम तौर पर सार्वजनिक जीवन से दूर रही हैं, लेकिन अब उनका नाम एक संवेदनशील कानूनी मामले के कारण चर्चा में है। यह वही बेटी है, जिसने अपने वैवाहिक जीवन को बचाने की आखिरी कोशिश तक की, लेकिन हालात उसके खिलाफ जाते चले गए।
ट्रिपल तलाक कानून का किया था विरोध
बता दें कि हिबा राणा और उनकी बहन सपा नेता सुमैया राणा ने मोदी सरकार की ओर से मुस्लिम महिलाओं के लिए लाए गए ‘ट्रिपल तलाक’ कानून का भरपूर विरोध किया था। उनका कहना था कि ”इस कानून के तहत मिलने वाली 3 साल की सजा का विरोध किया था। उनका कहना था कि यदि पति जेल चला जाएगा, तो पत्नी और बच्चों का गुजारा कैसे होगा।” वहीं, सुमैया राणा की बहन ने कानून से न्याय की गुहार लगाई है। ऐसे में सोशल मीडिया पर लोग पूछ रहे हैं कि जब इस कानून का विरोध किया तो आप इसका सहारा क्यों ले रही हैं?
क्या है ट्रिपल तलाक कानून
यह कानून मुख्य रूप से ‘तलाक-ए-बिद्दत’ (एक बार में तीन बार तलाक बोलना) को रोकने के लिए बनाया गया है।
1. कानून की मुख्य विशेषताएं (Key Features)
- अपराध घोषित: एक बार में तीन बार ‘तलाक’ कहना (चाहे बोलकर, लिखकर, ईमेल, SMS या व्हाट्सएप के जरिए हो) अब पूरी तरह अवैध और शून्य (Illegal & Void) है।
- सजा का प्रावधान: यदि कोई पति इस कानून का उल्लंघन करता है, तो उसे 3 साल तक की जेल और जुर्माने की सजा हो सकती है।
- संज्ञेय अपराध (Cognizable Offense): यह एक संज्ञेय अपराध है, लेकिन इसमें पुलिस तभी कार्रवाई करेगी जब पीड़ित महिला या उसके खून के रिश्तेदार शिकायत दर्ज कराएंगे।
- भरण-पोषण (Subsistence Allowance): पीड़ित महिला अपने और अपने नाबालिग बच्चों के लिए पति से गुज़ारा भत्ता (Maintenance) पाने की हकदार है। इसकी राशि मजिस्ट्रेट तय करेंगे।
- बच्चों की कस्टडी: पीड़ित महिला को अपने छोटे बच्चों की कस्टडी (संरक्षण) पाने का पूरा अधिकार होगा।
2. जमानत की शर्तें (Bail Conditions)
- “आप” (Aap) को बता दें कि यह एक गैर-जमानती (Non-Bailable) अपराध है, लेकिन इसमें मजिस्ट्रेट के पास जमानत देने की शक्ति है:
- मजिस्ट्रेट तभी जमानत दे सकते हैं जब वे पीड़ित पत्नी का पक्ष सुन लें और संतुष्ट हों कि जमानत देना उचित है।
- पति-पत्नी के बीच समझौता होने की स्थिति में महिला की सहमति से केस वापस लिया जा सकता है।
3. कानून की पृष्ठभूमि (History)
- सुप्रीम कोर्ट का फैसला (2017): सायरा बानो बनाम भारत संघ मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 3:2 के बहुमत से ‘तलाक-ए-बिद्दत’ को असंवैधानिक करार दिया था।
- संसद में मंजूरी: राष्ट्रपति के अध्यादेशों के बाद, अंततः 30 जुलाई 2019 को यह राज्यसभा से पारित हुआ और 1 अगस्त 2019 से कानून के रूप में लागू हो गया।
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