महाराजा सुहेलदेव “राजभर वंशीय अष्ट खम्भा स्तूप” का सौन्दर्यीकरण होगा: उप्र के मंत्री जयवीर सिंह

महाराजा सुहेलदेव “राजभर वंशीय अष्ट खम्भा स्तूप” का सौन्दर्यीकरण होगा: उप्र के मंत्री जयवीर सिंह

महाराजा सुहेलदेव “राजभर वंशीय अष्ट खम्भा स्तूप” का सौन्दर्यीकरण होगा: उप्र के मंत्री जयवीर सिंह
Modified Date: January 16, 2026 / 12:19 pm IST
Published Date: January 16, 2026 12:19 pm IST

लखनऊ, 16 जनवरी (भाषा) उत्तर प्रदेश सरकार के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा है कि आंबेडकर नगर स्थित महाराजा सुहेलदेव राजभर वंशीय अष्ट खम्भा स्तूप का सौन्दर्यीकरण किया जायेगा।

एक आधिकारिक बयान के अनुसार पर्यटन मंत्री ने कहा कि राजभर समाज की शौर्यगाथा और महाराजा सुहेलदेव की गौरवशाली विरासत को नई पीढ़ी से जोड़ने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने एक महत्वाकांक्षी योजना को धरातल पर लाने का निर्णय लिया है।

उन्होंने कहा कि आंबेडकर नगर स्थित ऐतिहासिक ‘राजभर वंशीय खम्भा स्तूप’ को प्रदेश के पर्यटन मानचित्र पर विशिष्ट पहचान दिलाने के उद्देश्य से राज्य सरकार एक करोड़ रुपये की धनराशि से इसका विकास करेगी।

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जयवीर सिंह ने बताया कि आंबेडकर नगर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान देने की दिशा में उत्तर प्रदेश सरकार एक महत्वपूर्ण पहल कर रही है। जिले के लोरपुर क्षेत्र स्थित महाराजा सुहेलदेव राजभर वंशीय अष्ट खम्भा स्तूप का पर्यटन विकास किया जाएगा। इस प्रयास का उद्देश्य न केवल प्राचीन धरोहर की ऐतिहासिक गरिमा को बनाए रखना है, बल्कि इसे संस्कृति और पर्यटन के संगम के रूप में विकसित कर राजभर समाज की शौर्यगाथा को राष्ट्रीय पटल पर स्थापित करना भी है।

बयान के मुताबिक 11वीं सदी में श्रावस्ती के वीर शासक महाराजा सुहेलदेव राजभर ने उत्तर भारत पर हो रहे विदेशी आक्रमणों के दौर में लोगों की रक्षा की। सैय्यद सालार मसूद द्वारा किए गए आक्रमणों में धार्मिक-सांस्कृतिक धरोहरों, विशेषकर प्रतीक चिह्न अष्ट खम्भों को भारी क्षति पहुंची, जिसे राजभर समाज ने अपनी पहचान और आस्था पर आघात माना।

तत्पश्चात, महाराजा सुहेलदेव ने निर्णायक युद्ध में सालार मसूद को मार गिराया और क्षेत्र को पुनः सुरक्षित किया। कालांतर में अष्ट खम्भों का जीर्णोद्धार हुआ और वे फिर से सांस्कृतिक गौरव का केंद्र बने।

अब उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग इस ऐतिहासिक स्थल को पर्यटन विकास के माध्यम से नई पहचान देने जा रहा है।

भाषा आनन्द वैभव शोभना

शोभना


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