मैनपुरी में तीन वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म के प्रयास के दोषी को आजीवन कारावास की सजा

मैनपुरी में तीन वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म के प्रयास के दोषी को आजीवन कारावास की सजा

मैनपुरी में तीन वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म के प्रयास के दोषी को आजीवन कारावास की सजा
Modified Date: May 19, 2026 / 10:54 am IST
Published Date: May 19, 2026 10:54 am IST

मैनपुरी (उप्र), 19 मई (भाषा) मैनपुरी जिले की एक विशेष पॉक्सो अदालत ने करहल क्षेत्र के एक गांव में तीन साल पहले तीन वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म के प्रयास के मामले में आरोपी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है और 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। एक सरकारी अधिवक्ता ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

लोक अभियोजक शैलेंद्री राजपूत ने मंगलवार को बताया कि विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो अदालत) जेहेंद्र पाल सिंह की अदालत ने सोमवार को यह फैसला सुनाया।

अभियोजन पक्ष के अनुसार, नौ दिसंबर 2023 को करहल क्षेत्र के एक गांव में तीन साल की बच्ची घर के सामने खेल रही थी। उसी गांव का आकाश उर्फ शिवम उसे बहला-फुसलाकर घर के पास सुनसान जगह ले गया और दुष्कर्म का प्रयास किया।

बच्ची की चीख सुनकर ग्रामीण और परिजन मौके पर पहुंचे। उन्होंने आरोपी आकाश को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। पीड़िता के पिता की शिकायत पर करहल थाने में मामला दर्ज किया गया।

जांच के बाद पुलिस ने आकाश उर्फ शिवम के खिलाफ यौन अपराध से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम और अन्य संबंधित धाराओं में आरोपपत्र दाखिल किया। अभियोजन पक्ष ने गवाहों के बयान और दस्तावेजी साक्ष्य अदालत में पेश किए। साक्ष्यों के आधार पर विशेष न्यायाधीश जेहेंद्र पाल सिंह ने आरोपी को दोषी करार दिया।

अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आकाश उर्फ शिवम को आजीवन कारावास की सजा सुनाई और 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।

भाषा सं आनन्द

वैभव सुरभि

सुरभि


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