गाजियाबाद की बहुमंजिला इमारत में भीषण आग लगी, कोई हताहत नहीं

गाजियाबाद की बहुमंजिला इमारत में भीषण आग लगी, कोई हताहत नहीं

गाजियाबाद की बहुमंजिला इमारत में भीषण आग लगी, कोई हताहत नहीं
Modified Date: April 29, 2026 / 02:19 pm IST
Published Date: April 29, 2026 2:19 pm IST

( तस्वीरों सहित )

गाजियाबाद (उप्र), 29 अप्रैल (भाषा) गाजियाबाद के इंदिरापुरम क्षेत्र में बुधवार की सुबह एक बहुमंजिला आवासीय इमारत में भीषण आग लग गई, जिसके बाद बड़े स्तर पर अग्निशमन और बचाव अभियान शुरू किया गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

अग्निशमन विभाग के अनुसार, गौर ग्रीन एवेन्यू सोसायटी की 11वीं मंजिल पर सुबह करीब 8:50 बजे आग लगी, जो तेजी से फैलकर कई अन्य मंजिलों के फ्लैटों तक पहुंच गई।

मुख्य अग्निशमन अधिकारी के नेतृत्व में वैशाली, साहिबाबाद और नोएडा समेत आसपास के क्षेत्रों से एक दर्जन से अधिक दमकल गाड़ियों को मौके पर भेजा गया।

अधिकारियों ने बताया कि सुबह करीब 10:30 बजे तक आग पर काफी हद तक काबू पा लिया गया, हालांकि पूरी तरह से आग बुझाने के प्रयास जारी रहे। अग्निशमन और बचाव अभियान के बाद सुबह करीब 11.30 बजे तक आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया।

मुख्य अग्निशमन अधिकारी राहुल कुमार ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि आग पर काबू पाने के लिए 17 अग्निशमन गाड़ियां, दो हाइड्रोलिक क्रेन और लगभग 70 अग्निशमन कर्मियों को तैनात किया गया था। अग्निशमन अधिकारी प्रदीप कुमार के नेतृत्व में निकटवर्ती नोएडा की अग्निशमन इकाइयों ने भी अभियान में सहायता की।

कुमार ने दोपहर करीब 1.30 बजे कहा कि सुबह करीब 11.30 बजे तक आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया गया था और घटनास्थल पर कूलिंग ऑपरेशन चल रहा था। उन्होंने कहा कि आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।

इस दौरान बचाव अभियान भी साथ-साथ चलाया गया। इमारत में फंसे कई निवासियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, जिनमें एक बुजुर्ग व्यक्ति भी शामिल थे, जो ऑक्सीजन सपोर्ट पर थे। अग्निशमन कर्मियों ने उन्हें स्ट्रेचर के जरिए बाहर निकाला।

अधिकारियों के अनुसार, आग सातवीं से आठवीं मंजिल तक फैल गई थी। आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है और इसकी जांच जारी है।

इस बीच, लखनऊ में एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना का संज्ञान लिया है और गाजियाबाद पुलिस आयुक्त और जिला मजिस्ट्रेट को मौके पर मौजूद रहने और राहत कार्यों की निगरानी करने का निर्देश दिया है।

भाषा सं जफर मनीषा

मनीषा

मनीषा


लेखक के बारे में