मथुरा: छात्रों से नमाज पढ़ने को कहने के आरोप में निलंबित प्रधानाध्यापक जांच के बाद बहाल

मथुरा: छात्रों से नमाज पढ़ने को कहने के आरोप में निलंबित प्रधानाध्यापक जांच के बाद बहाल

मथुरा: छात्रों से नमाज पढ़ने को कहने के आरोप में निलंबित प्रधानाध्यापक जांच के बाद बहाल
Modified Date: February 8, 2026 / 06:50 pm IST
Published Date: February 8, 2026 6:50 pm IST

मथुरा (उप्र), आठ फरवरी (भाषा) मथुरा जिले में विद्यालय में छात्रों से नमाज पढ़ने के लिए कहने के आरोप में निलंबित किये गये एक सरकारी प्राथमिक स्कूल के प्रधानाध्यापक को जांच में निर्दोष पाये जाने के बाद बहाल कर दिया गया है।

मथुरा के बेसिक शिक्षा अधिकारी रतन कीर्ति ने रविवार को कहा, ‘जांच समिति ने प्रधानाध्यापक जान मोहम्मद को निर्दोष पाया। इसके बाद हमने उन्हें बहाल कर दिया है।’

अधिकारियों ने सोमवार को बताया था कि मोहम्मद को 31 जनवरी को निलंबित कर दिया गया था।

कीर्ति ने बताया कि मोहम्मद के खिलाफ 30 जनवरी को भारतीय जनता पार्टी के नौझील ब्लॉक अध्यक्ष दुर्गेश चौहान ने शिकायत की थी और दावा किया था कि छात्रों के माता-पिता ने आरोप लगाया था कि प्रधानाध्यापक छात्रों से नमाज पढ़ने के लिए कहते हैं और स्कूल में राष्ट्रगान नहीं गाया जा रहा।

कीर्ति ने बताया कि शिकायत का संज्ञान लेते हुए बेसिक शिक्षा विभाग ने प्रधानाध्यापक को निलंबित करने के बाद 31 जनवरी को छाता और मांट विकास खंडों के ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों की जांच समिति का गठन किया था।

उन्होंने कहा कि समिति को एक महीने में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा गया था, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए समिति को चार फरवरी को तीन दिन में रिपोर्ट जमा करने के लिए कहा गया।

कीर्ति ने कहा कि समिति ने शुक्रवार को अपनी रिपोर्ट दी और शिक्षक के खिलाफ लगाए गए आरोपों को बेबुनियाद व गलत पाया।

उन्होंने कहा, ‘जांच समिति ने प्रधानाध्यापक जान मोहम्मद को निर्दोष पाया। इसके बाद हमने उन्हें बहाल कर दिया है।’

बेसिक शिक्षा अधिकारी ने कहा कि वह इस बारे में जिलाधिकारी को को सूचित करेंगे।

उन्होंने कहा कि प्रशासन झूठी शिकायत दर्ज कराने वाले शिकायतकर्ता के खिलाफ कार्रवाई कर सकता है।

इस बीच, प्रदेश के बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने शनिवार को यहां संवाददाताओं से कहा कि यह जांच का मामला है, और अगर यह किसी साजिश के तहत किया गया है तो शिकायतकर्ता के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। शिक्षक को बहाल कर दिया गया है।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रदीप माथुर ने मांग की कि शिकायतकर्ता के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

उन्होंने कहा कि उसने जानबूझकर झूठी शिकायत की क्योंकि प्रधानाध्यापक मुस्लिम हैं।

माथुर ने कहा कि भाजपा नेता दुर्गेश चौहान जैसे लोग देश के सामाजिक ताने-बाने को नुकसान पहुंचा रहे हैं और एक ईमानदार शिक्षक को बेवजह सजा मिल रही है।

भाषा सं. सलीम जोहेब

जोहेब


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