(तस्वीरों सहित)
रायबरेली/अमेठी (उप्र), 20 मई (भाषा) कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और आरएसएस को ‘‘ गद्दार’’ करार देते हुए आरोप लगाया कि वे रोजाना संविधान पर हमला कर रहे हैं और चुनिंदा उद्योगपतियों को देश के हित बेच चुके हैं।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने ये गंभीर आरोप अपने निर्वाचन क्षेत्र रायबरेली के दौरे के दूसरे दिन लगाए। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)ने कांग्रेस नेता की टिप्पणियों की आलोचना करते हुए उन्हें उनकी ‘‘अराजक मानसिकता और चरित्र’’ का प्रतिबिंब बताया।
राहुल गांधी ने रायबरेली में क्रांतिकारी वीरा पासी की स्मृति में आयोजित ‘बहुजन स्वाभिमान सभा’ को संबोधित करते हुए संविधान को डॉ. बीआर आंबेडकर व महात्मा गांधी की ‘‘आवाज का प्रतिनिधित्व’’ करने वाला दस्तावेज बताया और इसकी रक्षा करने का आह्वान किया।
उन्होंने लोगों से आह्वान करते हुए कहा, ‘‘ आपको खड़े होकर लड़ना होगा। जब आरएसएस कार्यकर्ता आपके घरों में आकर नरेन्द्र मोदी और अमित शाह के बारे में बात करें, तो आपको उन्हें बताना होगा कि उनके प्रधानमंत्री, उनके गृह मंत्री और उनका संगठन ‘गद्दार’ हैं। उन्होंने हमारे हिंदुस्तान को बेच दिया है और हमारे संविधान, आंबेडकर जी और महात्मा गांधी पर हमला किया है।’’
राहुल गांधी ने बाद में अमेठी में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रायबरेली में दिए गए अपने बयान का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘मैंने कहा था कि मोदी और अमित शाह गद्दार हैं। अगर कोई हमारे संविधान को कमजोर और नष्ट करता है, तो उसे गद्दार के अलावा और क्या कहा जाना चाहिए?’’
उन्होंने आरएसएस पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘वे मुझसे माफी मांगने को कहते हैं। मैं कभी माफी नहीं मांगूंगा। मैं उनसे डरता नहीं हूं।’’
नेता प्रतिपक्ष ने कहा, ‘‘अन्य वक्ताओं को सुनते हुए मैंने महसूस किया कि हम वीरा पासी और डॉ. आंबेडकर को याद तो करते हैं लेकिन उस विचारधारा की ठीक से रक्षा नहीं हो रही है जिसके लिए वे खड़े थे। हमारी आंखों के सामने संविधान पर हमला किया जा रहा है।’’
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि मनरेगा को कमजोर करके, जातिगत गणना नहीं कराकर और चुनिंदा उद्योगपतियों का पक्ष लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ‘‘दिन-रात संविधान पर हमला’’ कर रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि अंबानी और अदाणी जैसे बड़े उद्योगपतियों के हितों को देश की कीमत पर प्राथमिकता दी जा रही है।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने प्रधानमंत्री मोदी की हालिया अपील का उल्लेख करते हुए कहा कि ईंधन की खपत कम करने, सोना खरीदने से बचने और विदेश यात्राएं घटाने की बात महंगाई बढ़ने के संकेत हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘आने वाले महीनों में महंगाई तेजी से बढ़ेगी। पेट्रोल, डीजल, गैस, खाद्यान्न-हर चीज की कीमत बढ़ेगी।’’
लोगों से विदेश यात्रा से बचने की अपील करने के तुरंत बाद प्रधानमंत्री के पांच देशों की यात्रा पर निकलने को लेकर भी राहुल गांधी ने उनकी आलोचना की।
उन्होंने कहा कि डॉ. आंबेडकर, वीरा पासी और महात्मा गांधी को याद करना तभी सार्थक है, जब उनकी विचारधारा की रक्षा की जाए।
गांधी ने कहा, ‘‘सिर्फ उनकी प्रतिमाओं के सामने हाथ जोड़ना काफी नहीं है। अगर आप बाहर जाकर उनकी विचारधारा के खिलाफ काम करते हैं, तो उसका कोई मतलब नहीं है।’’
कांग्रेस नेता ने कहा कि भारत में समानता और न्याय के आदर्शों की रक्षा सामूहिक रूप से की जानी चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘21वीं सदी के वीरा पासी, आंबेडकर और गांधी आप लोगों के बीच से ही निकलेंगे। वे आसमान से नहीं आएंगे।’’
प्रधानमंत्री मोदी पर हमला जारी रखते हुए गांधी ने कहा कि उन्होंने ‘‘लोगों की जेब और घरों से सारा पैसा निकाल लिया।’’
उन्होंने आरोप लगाया कि संविधान में निहित सार्वजनिक क्षेत्र, आरक्षण और स्वतंत्र न्यायपालिका जैसी व्यवस्थाओं को ‘‘नरेन्द्र मोदी, (केंद्रीय गृह मंत्री) अमित शाह और आरएसएस ने खत्म कर दिया है’’ और स्वतंत्र एवं निष्पक्ष मीडिया की अवधारणा को भी इन ताकतों ने ‘‘समाप्त’’ कर दिया है।
कांग्रेस नेता ने केंद्र सरकार पर मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम)को करने, सार्वजनिक क्षेत्र का निजीकरण करने और आरएसएस विचारधारा से प्रभावित कुलपतियों की नियुक्ति करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि इन कुलपतियों को विज्ञान, इतिहास या भूगोल की बहुत कम जानकारी है, लेकिन वैचारिक नजदीकी के कारण उन्हें चुना गया।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया, ‘‘एक व्यक्ति-एक वोट’’ की संवैधानिक व्यवस्था को मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण और ‘‘करोड़ों वोट’’ हटाकर कमजोर किया जा रहा है।
उन्होंने कहा, ‘‘जो लोग उन्हें वोट नहीं देते, उनके नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं… संविधान पर 24 घंटे हमला हो रहा है।’’
राहुल गांधी ने कहा कि हालांकि, अब सच्चाई सामने आ रही है और ‘‘कोई नहीं बचेगा।’’
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध से वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित होगी, जिससे बड़ा आर्थिक झटका लगेगा।
उन्होंने कहा, ‘‘आने वाले महीनों में इससे महंगाई बढ़ेगी। आशंका है कि आपने अपने जीवन में ऐसी महंगाई पहले कभी न देखी हो।’’
गांधी ने कहा कि किसानों को उर्वरक की कमी का सामना करना पड़ सकता है और केरोसीन की आपूर्ति भी बाधित हो सकती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि इस आर्थिक असर का प्रभाव अंबानी और अदाणी जैसे उद्योगपतियों पर नहीं पड़ेगा, बल्कि आम नागरिक इसकी मार झेलेंगे।
अपने संबोधन की शुरुआत में कांग्रेस नेता ने कहा कि संविधान कोई साधारण दस्तावेज नहीं है, बल्कि यह डॉ. आंबेडकर, वीरा पासी और महात्मा गांधी की विचारधारा के साथ-साथ केरल के नारायण गुरु और कर्नाटक के बसवन्ना जैसे अनेक समाज सुधारकों के योगदान को समेटे हुए है।
राहुल गांधी ने भगवान बुद्ध, गुरु नानक और कबीर का भी संदर्भ देते हुए कहा कि उनकी आवाज संविधान में प्रतिबिंबित होती है।
उन्होंने कहा, ‘‘संविधान कहता है कि भारत सबका है, किसी जाति, व्यक्ति, अरबपति या संगठन का नहीं।’’
गांधी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी ने ‘‘भारत की आर्थिक व्यवस्था’’ उद्योगपतियों अदाणी और अंबानी के साथ-साथ अमेरिका को सौंप दी है। उन्होंने दावा किया कि देश एक बड़े ‘‘आर्थिक तूफान’’ की ओर बढ़ रहा है।
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने दावा किया कि सरकार लोगों को आने वाले संकट से नहीं बचा पाएगी। उन्होंने आशंका जताई कि इसका असर अगले दो से तीन महीनों के भीतर दिखाई देने लगेगा।
गांधी ने आरोप लगाया, ‘‘आप नरेन्द्र मोदी को टेलीविजन पर रोते हुए देखेंगे। उन्होंने कोविड और नोटबंदी के दौरान कहा था कि यह उनकी गलती नहीं थी। लेकिन मैं आपको बता रहा हूं कि गलती नरेन्द्र मोदी, अमित शाह और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की है क्योंकि उन्होंने संविधान को नष्ट कर दिया।’’
नोटबंदी का जिक्र करते हुए गांधी ने कहा कि मोदी ने पहले लोगों से भावनात्मक अपील की थी और काले धन के खिलाफ कार्रवाई का वादा किया था।
गांधी ने सवाल किया, ‘‘उन्होंने कहा था कि अगर काला धन खत्म नहीं हुआ तो मुझे फांसी दे देना। लेकिन क्या काला धन खत्म हो गया?’’
उन्होंने आरोप लगाया कि कोविड-19 महामारी के दौरान, लॉकडाउन के कारण प्रवासी श्रमिकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा, जबकि उद्योगपतियों के लाखों करोड़ रुपये के ऋण माफ कर दिए गए।
कांग्रेस नेता ने दावा किया, ‘‘और अब वही चीज़ फिर से होने जा रही है।’’
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि चुनाव से पहले लोगों को आश्वासन दिया गया था कि पेट्रोल और गैस की कोई कमी नहीं होगी और ईंधन की कीमतें नहीं बढ़ेंगी।
उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘आज, जब पेट्रोल की कीमतें बढ़ रही हैं, अंबानी भारत के बाहर ईंधन निर्यात कर रहे हैं। वह रूस से तेल खरीदते हैं और विदेशों में बेचते हैं और उस पैसे का इस्तेमाल नरेन्द्र मोदी को फंड देने के लिए किया जाता है।’’
कांग्रेस संसद ने कहा कि देश को बी आर आंबेडकर, जवाहरलाल नेहरू, महात्मा गांधी, वीरा पासी, बुद्ध, नारायण गुरु और बसवन्ना के दिखाए रास्ते पर चलना चाहिए।
उन्होंने कहा कि केवल नारों से कुछ हासिल नहीं होगा। कांग्रेस नेता ने संविधान को ‘महान लोगों की आवाज और खून’ के रूप में वर्णित करते हुए लोगों से इसकी रक्षा करने का आग्रह किया।
गांधी ने कहा, ‘‘सिर्फ हाथ जोड़ने से काम नहीं चलेगा। आपको डटे रहना होगा और लड़ना होगा।’’
भाषा किशोर जफर सलीम धीरज
धीरज