गंगा एक्सप्रेसवे निर्माण में एक लाख से अधिक किसानों का योगदान : योगी आदित्यनाथ

गंगा एक्सप्रेसवे निर्माण में एक लाख से अधिक किसानों का योगदान : योगी आदित्यनाथ

गंगा एक्सप्रेसवे निर्माण में एक लाख से अधिक किसानों का योगदान : योगी आदित्यनाथ
Modified Date: April 29, 2026 / 04:09 pm IST
Published Date: April 29, 2026 4:09 pm IST

हरदोई, 29 अप्रैल (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कहा कि गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण में किसानों का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है, क्योंकि एक लाख से अधिक किसानों ने इस परियोजना के लिए जमीन उपलब्ध कराई, जिससे इसका समय पर निर्माण संभव हो सका।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिसंबर 2021 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा रखी गई आधारशिला आज साकार रूप ले चुकी है। उन्होंने कहा कि 594 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे अन्नदाता किसानों की उन्नति, युवाओं के रोजगार, आस्था एवं संस्कृति के संरक्षण तथा उत्तर प्रदेश की समृद्धि का प्रमुख माध्यम बनेगा।

प्रधानमंत्री द्वारा गंगा एक्सप्रेसवे के उद्घाटन समारोह से पहले आयोजित सभा को संबोधित करते हुए आदित्यनाथ ने कहा, “ राज्य के 12 जिलों के एक लाख से अधिक किसानों ने इस एक्सप्रेसवे के लिए अपनी जमीन दी। मैं उन सभी ‘अन्नदाता’ किसानों का आभार व्यक्त करता हूं, जिनके सहयोग से यह परियोजना साकार हो सकी।”

प्रधानमंत्री मोदी हरदोई के मल्लावां में आयोजित कार्यक्रम में गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करने पहुंचे। यह एक्सप्रेसवे मेरठ को प्रयागराज से जोड़ता है और उत्तर प्रदेश के 12 जिलों से होकर गुजरता है।

मुख्यमंत्री ने कहा, “ दिसंबर 2021 में रखी गई आधारशिला आज साकार हो चुकी है। यह एक्सप्रेसवे किसानों की उन्नति, युवाओं के रोजगार, आस्था व संस्कृति के संरक्षण तथा प्रदेश की समृद्धि का माध्यम बनेगा।”

उन्होंने कहा कि मेरठ से प्रयागराज तक फैले इस आधुनिक बुनियादी ढांचे ने 12 जनपदों के एक लाख से अधिक किसानों के योगदान से आकार लिया है। एक्सप्रेसवे के साथ 27 स्थानों पर इंटीग्रेटेड औद्योगिक क्लस्टर और लॉजिस्टिक्स हब विकसित किए जा रहे हैं, जो आवागमन को तेज करने के साथ निवेश और रोजगार के नए अवसर भी सृजित करेंगे।

आदित्यनाथ ने कहा कि “डबल इंजन सरकार” की दूरदर्शिता का प्रतीक यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश को नयी ऊंचाइयों पर ले जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का संकल्प है कि जिस परियोजना का शिलान्यास होगा, उसका उद्घाटन भी सुनिश्चित किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि यह एक्सप्रेसवे न केवल परिवहन को सुगम बनाएगा, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था, औद्योगिक विकास और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा देगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस परियोजना के लिए लगभग 18,000 एकड़ भूमि अधिग्रहित की गई है, जबकि एक्सप्रेसवे के किनारे औद्योगिक क्लस्टर और लॉजिस्टिक्स केंद्र विकसित करने के लिए करीब 7,000 एकड़ भूमि अलग से चिह्नित की गई है।

उन्होंने कहा, “यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ साबित होगा और सड़क संपर्क, कृषि विपणन तथा क्षेत्रीय विकास को मजबूती प्रदान करते हुए ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को गति देगा।”

आदित्यनाथ ने कहा कि दिल्ली-मेरठ के बीच देश की पहली रैपिड रेल के उद्घाटन के साथ प्रधानमंत्री ने दूरियों को सिमटाने का ऐतिहासिक कार्य किया है। उन्होंने कहा कि एक्सप्रेसवे, रैपिड रेल, इनलैंड वॉटरवेज, मेट्रो और डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर जैसी परियोजनाएं राज्य की अपार संभावनाओं को आगे बढ़ाने का प्रमाण हैं।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में विकसित हो रहे एक्सप्रेसवे केवल दूरी कम करने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनके साथ रक्षा क्षेत्र में विनिर्माण कॉरिडोर जैसी बड़ी औद्योगिक परियोजनाएं भी जुड़ी हैं, जिससे ये अन्नदाता किसानों की उन्नति, युवाओं के रोजगार, आस्था और संस्कृति के संरक्षण तथा प्रदेश की समग्र समृद्धि के सशक्त माध्यम बन रहे हैं।

अधिकारियों के अनुसार यह एक्सप्रेसवे मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज सहित 12 प्रमुख जिलों को जोड़ता है। इससे यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी और आवागमन तेज, सुरक्षित तथा अधिक सुविधाजनक होगा। इससे पहले, प्रधानमंत्री मोदी ने बटन दबाकर गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया।

मोदी ने कार्यक्रम स्थल पर पौधरोपण किया और उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) की प्रदर्शनी का अवलोकन किया, जिसमें प्रदेश के एक्सप्रेसवे नेटवर्क को प्रदर्शित किया गया।

जनसभा के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को प्रतीक स्वरूप मां गंगा की प्रतिमा भेंट की।

इस अवसर पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और बृजेश पाठक सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।

भाषा

जफर, सलीम रवि कांत


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