हत्या के दोषी को सुनाई गई फांसी की सजा
हत्या के दोषी को सुनाई गई फांसी की सजा
मथुरा (उप्र), पांच मई (भाषा) मथुरा की एक अदालत ने हरियाणा निवासी एक युवक को बहन की देवरानी के साथ दुष्कर्म के प्रयास ओर उसके विफल होने पर उसे जलाकर मार डालने के मामले में दोषी करार देते हुए मंगलवार को फांसी की सजा सुनायी और एक लाख 30 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया ।
मामले की सुनवाई के दौरान यह भी खुलासा हुआ कि अभियुक्त इससे पूर्व भी इसी प्रकार की वारदात अपने गांव में भी कर चुका है जिसमें उसे आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई थी, जिसके विरुद्ध अपील के चलते वह गत वर्ष वारदात के समय जमानत पर छूटा था।
जिला शासकीय अधिवक्ता (अपराध) शिवराम सिंह तरकर ने बताया कि जिला जज विकास कुमार ने विगत 30 अप्रैल को अभियुक्त उमेश कुमार (28) को दोषी करार देते हुए अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था ।
तरकर ने बताया कि अदालत ने इस मामले को दुर्लभतम करार देते हुए भारतीय न्याय संहिता की धारा 103 (1) के तहत हत्या के लिए फांसी की सजा व एक लाख रुपए का अर्थदण्ड, धारा 333 के तहत सात साल का कठोर कारावास व 20 हजार रुपए जुर्माना तथा धारा 74 के अंतर्गत पांच वर्ष का कठोर कारावास व पां हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई।
उन्होंने बताया कि यह वारदात जिले के फरह थाना क्षेत्र के गांव कोह की है, जहां हरियाणा के पलवल जिले के गांव व थाना हसनपुर निवासी उमेश कुमार की बहिन की शादी हुई थी और इसी के चलते उमेश का अपनी बहन के यहां आना—जाना होता था।
तरकर ने बताया कि इसी बीच, उमेश ने बहन की देवरानी रेखा से मेलजोल बढ़ाया और एक दिन उसे अपने साथ ले गया। इस मामले में रेखा के पति लालाराम ने रिपोर्ट लिखाई थी। उन्होंने बताया कि उसके बाद पुलिस ने रेखा को बरामद कर परिवार को सौंप दिया था।
शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि 11 मार्च 2025 को उमेश औरत का वेश धरकर रेखा के घर पहुंच गया और उसे एक बार फिर लुभाने की कोशिश की लेकिन नहीं मानने पर उसने उसके साथ दुष्कर्म का प्रयास किया। उन्होंने बताया कि विरोध करने पर उमेश ने अपने साथ एक बोतल में लाया गया ज्वलनशील पदार्थ रेखा पर डालकर आग लगा दी।
तरकर ने बताया कि गंभीर रूप से घायल रेखा को पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, और फिर वहां से आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज ले जाया गया जहां इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई।
उन्होंने बताया कि उमेश इससे पहले भी 11 जुलाई 2016 में अपने गांव हसनपुर में ही मधु नामक विवाहित विवाहिता के साथ मिलकर उसके पति श्याम की हत्या कर चुका था, जिसमें उसे वर्ष 2018 में पलवल की अदालत से आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई थी। मामले की अपील के बाद वह जमानत पर छूटा था।
भाषा सं सलीम रंजन
रंजन

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