प्रधानमंत्री का उत्तर प्रदेश का दो दिवसीय दौरा 28 अप्रैल से
प्रधानमंत्री का उत्तर प्रदेश का दो दिवसीय दौरा 28 अप्रैल से
लखनऊ, 27 अप्रैल (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मंगलवार 28 अप्रैल से उत्तर प्रदेश के दो दिवसीय दौरे पर रहेंगे।
आधिकारिक कार्यक्रम के मुताबिक प्रधानमंत्री 28 अप्रैल को अपने संसदीय निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी में आयोजित होने वाले ‘महिला सम्मेलन’ में हिस्सा लेंगे और लगभग 6350 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण करने के बाद एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे।
अधिकारियों के मुताबिक मोदी 1050 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से पूरी हुई 48 से अधिक परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित करेंगे जिनमें वाराणसी-आजमगढ़ सड़क का चौड़ीकरण, कज्जाकपुरा और कादीपुर में महत्वपूर्ण रेल ओवर ब्रिज और भगवानपुर में 55 मिलियन लीटर प्रतिदिन क्षमता वाला सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) भी शामिल है।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री उत्तर प्रदेश में रेल कनेक्टिविटी को और बढ़ावा देने के लिये दो नई ‘अमृत भारत एक्सप्रेस’ ट्रेनों को भी हरी झंडी दिखाएंगे।
अधिकारियों ने बताया कि ये ट्रेनें राज्य के प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्रों को महाराष्ट्र के बड़े आर्थिक केंद्रों से जोड़ेंगी। उन्होंने बताया कि मोदी वाराणसी से पुणे (हडपसर) और अयोध्या से मुंबई (लोकमान्य तिलक टर्मिनस) जाने वाली ‘अमृत भारत एक्सप्रेस’ ट्रेनों को मंगलवार को हरी झंडी दिखाएंगे।
इस पहल से उत्तर प्रदेश के यात्रियों को, खासकर उत्तर भारत और महाराष्ट्र के बीच यात्रा करने वाले तीर्थयात्रियों, छात्रों, प्रवासी श्रमिकों और छोटे व्यापारियों को बहुत फायदा होने की उम्मीद है।
एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि वाराणसी और अयोध्या जैसे शहरों को सीधे मुंबई और पुणे से जोड़कर इन नई सेवाओं का उद्देश्य यात्रा में लगने वाले समय को कम करना, सुविधा को बेहतर बनाना और लंबी दूरी की यात्रा के लिए एक किफायती विकल्प प्रदान करना है।
बयान के अनुसार ‘अमृत भारत एक्सप्रेस’ को एक गैर—वातानुकूलित, उच्च क्षमता वाली ट्रेन के रूप में डिजाइन किया गया है, जो आम यात्रियों पर केंद्रित है और किफायती किराये पर बेहतर आराम तथा आधुनिक सुविधाएं प्रदान करती है।
अधिकारियों ने बताया कि उत्तर प्रदेश के लिए ये ट्रेनें खासतौर पर अहम हैं क्योंकि यह धार्मिक पर्यटन और आर्थिक गतिशीलता दोनों को मजबूती प्रदान करेंगी।
उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश के दो प्रमुख धार्मिक स्थल वाराणसी और अयोध्या हर साल लाखों श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। उन्होंने बताया कि मुंबई और पुणे जैसे बड़े शहरों से बेहतर रेल कनेक्टिविटी से पर्यटन को बढ़ावा मिलने, लोगों की यात्रा आसान होने और इन क्षेत्रों से जुड़ी आजीविका को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार मोदी 29 अप्रैल को सुबह करीब साढ़े आठ बजे वाराणसी में श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन और पूजा करने के बाद हरदोई जाएंगे और पूर्वाह्न करीब साढ़े 11 बजे गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करने के बाद एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे।
अधिकारियों के मुताबिक लगभग 36 हजार 230 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया करीब 594 किलोमीटर लम्बा गंगा एक्सप्रेसवे 12 जिलों मेरठ, बुलंदशहर, हापुड़, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज से होकर गुजरा है। उन्होंने बताया कि इस एक्सप्रेसवे के बन जाने से मेरठ और प्रयागराज के बीच यात्रा का समय मौजूदा 10-12 घंटे से घटकर करीब छह घंटे होने की उम्मीद है।
एक सरकारी बयान के मुताबिक गंगा एक्सप्रेस-वे से तीर्थ सर्किट भी मजबूत होगा क्योंकि कई धार्मिक स्थल भी इससे सीधे तौर पर जुड़ेंगे।
बयान के अनुसार यह एक्सप्रेस-वे केवल एक सड़क परियोजना नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश के आध्यात्मिक पर्यटन को नई गति देने वाला एक बड़ा आधार बन रहा है।
बयान के मुताबिक इस एक्सप्रेस-वे के जरिए गढ़मुक्तेश्वर, कल्कि धाम, बेल्हा देवी धाम, चंद्रिका देवी शक्ति पीठ और त्रिवेणी संगम जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों तक पहुंच पहले की तुलना में कहीं अधिक आसान हो जाएगी। यह वे स्थान हैं जहां हर साल लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं।
अधिकारियों ने बताया कि दरअसल, गंगा एक्सप्रेस-वे उत्तर प्रदेश के आध्यात्मिक पर्यटन को ‘गंतव्य से सर्किट’ में बदलने की क्षमता रखता है।
उन्होंने कहा कि अभी तक श्रद्धालु अक्सर एक ही तीर्थ पर जाकर लौट आते थे, लेकिन बेहतर सड़क नेटवर्क बनने के बाद वे एक ही यात्रा में कई धार्मिक स्थलों के दर्शन कर सकेंगे, जिससे प्रदेश में धार्मिक पर्यटन की अवधि, खर्च और स्थानीय आर्थिक गतिविधियां तीनों बढ़ेंगी।
भाषा सलीम रंजन नरेश
नरेश

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