पिछली सरकारों ने गरीबों के बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान नहीं दिया : मुख्यमंत्री आदित्यनाथ

पिछली सरकारों ने गरीबों के बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान नहीं दिया : मुख्यमंत्री आदित्यनाथ

पिछली सरकारों ने गरीबों के बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान नहीं दिया : मुख्यमंत्री आदित्यनाथ
Modified Date: January 25, 2026 / 09:05 pm IST
Published Date: January 25, 2026 9:05 pm IST

लखनऊ, 25 जनवरी (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य की पिछली सरकारों पर गरीबों के बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान नहीं देने का आरोप लगाते हुए रविवार को कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों के शासन में परिवारवाद, भ्रष्टाचार और लापरवाही के कारण छात्रवृत्ति जैसी योजनाएं गरीबों तक नहीं पहुंच पाती थीं।

मुख्यमंत्री ने किसी का नाम लिए बगैर कहा कि दोपहर 12 बजे तक सोकर उठने वाले ‘बबुआ’ को गरीबों के बच्चों की पढ़ाई की चिंता नहीं थी।

आदित्यनाथ ने लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित छात्रवृत्ति वितरण कार्यक्रम के दौरान विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछली सरकारों ने गरीबों के बच्चों की पढ़ाई पर कभी ध्यान नहीं दिया।

उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों में परिवारवाद, भ्रष्टाचार व लापरवाही के कारण छात्रवृत्ति जैसी योजनाएं गरीबों तक नहीं पहुंच पाती थीं।

मुख्यमंत्री ने किसी का नाम लिए बगैर कहा, “12 बजे तक सोकर उठने वाले बबुआ को गरीबों के बच्चों की चिंता कहां से होगी? जो सूरज निकलने के बाद उठे, उसे सूर्योदय की बात भी फिजूल लगेगी। ऐसे लोग न प्रदेश की चिंता कर सकते हैं और न ही गरीबों की।”

मुख्यमंत्री ने इस मौके पर वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए प्रदेश के 18,78,726 छात्र-छात्राओं के बैंक खातों में 944.55 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति का अंतरण किया।

आदित्यनाथ ने कहा कि जब सरकार की नीयत साफ होती है और नीति स्पष्ट होती है, तब भ्रष्टाचार रूपी दानव पर नियंत्रण संभव होता है।

उन्होंने कहा, “पहले छात्रवृत्ति योजनाएं कई स्तरों पर भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाती थीं। कभी सरकार की नीयत खराब होती थी, कभी परिवारवाद आड़े आता था, कभी विभागीय भ्रष्टाचार के कारण पैसा गरीब विद्यार्थियों तक नहीं पहुंचता था। आज खाते में सीधे भुगतान की व्यवस्था के माध्यम से एक क्लिक में बिना किसी भेदभाव के सभी वर्गों के करीब 19 लाख बच्चों के खातों में धन पहुंचा है।”

मुख्यमंत्री ने गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित इस कार्यक्रम को सामाजिक न्याय और समावेशी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम इस बात का प्रमाण है कि सरकार शिक्षा को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। भाषा सलीम जितेंद्र

जितेंद्र


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