पुरुषोत्तम मास शुरू, काशी-मथुरा के मंदिरों में विशेष आयोजन और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम

पुरुषोत्तम मास शुरू, काशी-मथुरा के मंदिरों में विशेष आयोजन और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम

पुरुषोत्तम मास शुरू, काशी-मथुरा के मंदिरों में विशेष आयोजन और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम
Modified Date: May 17, 2026 / 05:13 pm IST
Published Date: May 17, 2026 5:13 pm IST

वाराणसी/मथुरा, 17 मई (भाषा) पुरुषोत्तम मास यानी अधिक मास रविवार से शुरू हो गया, जो 15 जून तक चलेगा। उत्तर प्रदेश के काशी, मथुरा और ब्रज क्षेत्र के अलावा विभिन्न जिलों में इस अवसर पर विशेष तैयारियां की गई हैं तथा मंदिरों में एक माह तक धार्मिक उत्सवों और आयोजनों की धूम रहेगी।

ज्येष्ठ शुक्ल प्रतिपदा तिथि से प्रारंभ हुए पुरुषोत्तम मास को भगवान विष्णु को समर्पित माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह मास पूजा-अर्चना, व्रत और दान-पुण्य के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।

वाराणसी के गोदौलिया क्षेत्र में स्थित प्राचीन पुरुषोत्तम मंदिर के महंत शंकर दीक्षित ने बताया कि अधिक मास में भगवान पुरुषोत्तम के दर्शन और पूजा से भक्तों को दुखों से मुक्ति मिलती है और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

उन्होंने बताया कि इस दौरान भगवान विष्णु को मालपुआ का भोग लगाया जाता है और 33 नामों के साथ विशेष पूजा-अर्चना की जाती है।

महंत ने कहा कि अधिक मास भगवान विष्णु को समर्पित होने के कारण इस अवधि में विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश और भूमि क्रय जैसे मांगलिक कार्य नहीं किए जाते।

मथुरा में 17 मई से 15 जून तक मंदिरों में विशेष धार्मिक आयोजन होंगे। देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु ब्रज 84 कोस परिक्रमा, गोवर्धन की सप्तकोसीय परिक्रमा और वृंदावन की पंचकोसीय परिक्रमा करेंगे।

पुरुषोत्तम मास की विशेषता यह है कि 30 दिनों के भीतर श्रद्धालुओं को होली, दिवाली, जन्माष्टमी, गोवर्धन पूजा और शरद पूर्णिमा जैसे प्रमुख उत्सवों के दर्शन होंगे।

ब्रज क्षेत्र के प्रमुख मंदिरों में पूरे माह विशेष श्रृंगार, झांकियां, भजन संध्या और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में केवल दैनिक दर्शन और विशेष सेवा-पूजा होगी।

नंदगांव के नंदबाबा मंदिर में गोवर्धन पूजा और अन्नकूट से कार्यक्रमों की शुरुआत होगी। इसके बाद 18 मई को रथ यात्रा, 19 मई को हरियाली तीज, 21 मई को नाग पंचमी और दाऊजी जन्मोत्सव, 23 मई को गोपाष्टमी, 24 और 25 मई को बरसाना-नंदगांव की होली, 29 मई को दानलीला, 30 मई को नृसिंह चतुर्दशी और शरद पूर्णिमा, एक जून को धुलेंडी, आठ जून को जन्माष्टमी, नौ जून को नंद महोत्सव तथा 15 जून को दिवाली के साथ आयोजन संपन्न होंगे।

वृंदावन के राधावल्लभ मंदिर में रविवार को बसंत उत्सव और रात्रि में दिवाली मनाई जाएगी। 18 मई को चंदन दर्शन एवं झूलनोत्सव, 20 मई को छप्पन भोग और दिवाली तथा 21 मई को होली और व्याहुला उत्सव आयोजित होंगे।

मथुरा के पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) सुरेश चंद्र रावत ने बताया कि लाखों श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए हैं।

उन्होंने बताया कि ब्रज 84 कोस परिक्रमा मार्ग को पांच जोन और 11 सेक्टर में विभाजित किया गया है। यहां पांच पुलिस उपाधीक्षक, छह निरीक्षक, 61 उपनिरीक्षक, 84 मुख्य आरक्षी और 24 पीआरवी वाहन तैनात किए गए हैं।

गोवर्धन परिक्रमा मार्ग को एक सुपर जोन, तीन जोन और छह सेक्टर में बांटा गया है। यहां एक सुपर जोनल मजिस्ट्रेट, तीन जोनल मजिस्ट्रेट, छह सेक्टर मजिस्ट्रेट, तीन पुलिस उपाधीक्षक, सात निरीक्षक, 38 उपनिरीक्षक, 201 आरक्षी, 10 महिला आरक्षी और यातायात पुलिस की तैनाती की गई है।

अधिकारियों ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आठ स्वास्थ्य केंद्र बनाए गए हैं। जिलाधिकारी चंद्रप्रकाश सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने परिक्रमा मार्ग का निरीक्षण कर सफाई, प्रकाश, पेयजल, चिकित्सा और यातायात व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

उन्होंने बताया कि गोवर्धन में भीड़ नियंत्रण के लिए आबादी क्षेत्र की ओर आने वाले मार्गों पर 20 अवरोधक लगाकर वाहनों को निर्धारित पार्किंग स्थलों पर रोका जा रहा है।

भाषा

सं, आनन्द रवि कांत


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