राहुल गांधी मानहानि मामला: निचली अदालत के आदेश के खिलाफ सत्र अदालत में निगरानी याचिका दायर
राहुल गांधी मानहानि मामला: निचली अदालत के आदेश के खिलाफ सत्र अदालत में निगरानी याचिका दायर
सुलतानपुर, 21 मई (भाषा) लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के खिलाफ चल रहे मानहानि मामले में निचली अदालत के आदेश को चुनौती देते हुए वादी पक्ष के अधिवक्ता ने बृहस्पतिवार को सत्र अदालत में निगरानी याचिका दायर की, जिससे मामले ने नया मोड़ ले लिया है।
राहुल गांधी के अधिवक्ता काशी प्रसाद शुक्ला ने बताया कि परिवादी विजय मिश्रा ने निचली अदालत के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें साक्ष्य के रूप में कुछ नमूने लेने की उनकी मांग खारिज कर दी गई थी।
उन्होंने बताया कि यह निगरानी याचिका वर्तमान में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (पंचम) की अदालत में विचाराधीन है। अदालत ने मामले की सुनवाई के लिए 30 मई की तारीख निर्धारित की है।
शुक्ला ने बताया कि अदालत ने इस मामले से संबंधित पत्रावली भी तलब की है।
उन्होंने कहा कि मूल मानहानि मुकदमे की अगली सुनवाई 17 जून को एमपी/एमएलए विशेष अदालत में होगी।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता विजय मिश्रा ने अक्टूबर 2018 में राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले में राहुल गांधी ने 20 फरवरी 2024 को अदालत में आत्मसमर्पण किया था, जिसके बाद विशेष अदालत ने उन्हें 25-25 हजार रुपये के दो मुचलकों पर जमानत दे दी थी।
राहुल गांधी ने 26 जुलाई 2024 को एमपी/एमएलए अदालत में उपस्थित होकर अपना बयान दर्ज कराया था, जिसमें उन्होंने खुद को निर्दोष बताते हुए मामले को राजनीतिक साजिश करार दिया था।
गांधी के बयान के बाद अदालत ने वादी पक्ष को साक्ष्य प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था, जिसके बाद से लगातार गवाह पेश किए जा रहे थे।
इससे पहले 20 फरवरी को भी राहुल गांधी ने एमपी/एमएलए अदालत में दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 313 के तहत अपना बयान दर्ज कराया था। अदालत ने उन्हें अपनी बेगुनाही के समर्थन में स्पष्टीकरण और साक्ष्य प्रस्तुत करने को कहा था, हालांकि गांधी के अधिवक्ता ने अदालत में कोई साक्ष्य या सफाई प्रस्तुत नहीं की।
भाषा
सं, सलीम रवि कांत

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