आरपीएफ ने चंदौली में छह नाबालिगों को मानव तस्कर के चंगुल से मुक्त कराया, आरोपी गिरफ्तार
आरपीएफ ने चंदौली में छह नाबालिगों को मानव तस्कर के चंगुल से मुक्त कराया, आरोपी गिरफ्तार
चंदौली (उप्र), 17 मार्च (भाषा) चंदौली जिले में दीन दयाल उपाध्याय (डीडीयू) जंक्शन के रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) व बचपन बचाओ आंदोलन की साझा टीम ने छह नाबालिग बच्चों को एक मानव तस्कर के चंगुल से मुक्त कराया और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
पुलिस के मुताबिक, इन बच्चों के माता-पिता को पैसों का लालच देकर इन्हें मजदूरी कराने के लिए एक ट्रेन से ले जाया जा रहा था।
आरपीएफ के प्रभारी निरीक्षक प्रदीप रावत ने बताया कि सोमवार की शाम जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर-7 पर गाड़ी संख्या 22948 (भागलपुर-सूरत सुपरफास्ट एक्सप्रेस) की नियमित जांच के दौरान जनरल कोच से दिनेश मंडल नाम के आरोपी को इन बच्चों को अपने साथ ले जाते हुए पकड़ा गया।
रावत ने बताया कि बच्चों से बात करने पर तस्कर के बारे में खुलासा हुआ। आरोपी और मुक्त कराए गए बच्चे झारखंड के गोड्डा जिले के निवासी हैं।
प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि बच्चों से यह पता चला कि गिरफ्तार दिनेश मंडल इन्हें अपने खर्चे पर गोड्डा से भागलपुर लाने के बाद इन्हें इस ट्रेन से वड़ोदरा ले जा रहा था।
उन्होंने बताया कि आरोपी ने वहां पहुंचने के बाद बाल मजदूरों को एक सोलर संयंत्र में रोज 12 घंटे मजदूरी के बदले प्रतिमाह 18 हजार रुपये देने की बात कही थी।
प्रभारी के मुताबिक, मामला बाल तस्करी का पाए जाने पर बरामद बच्चों को उनके परिजनों तक सकुशल पहुंचाने के लिए ‘रेलवे चाइल्ड हेल्प डेस्क’, डीडीयू को सुपुर्द कर दिया गया है। साथ ही पकड़े गए आरोपी के खिलाफ मुगलसराय थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 143 (मानव तस्करी) में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
रावत ने कहा कि इस मामले में अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।
भाषा सं आनन्द शोभना शफीक
शफीक

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