पीलीभीत में तेज हुआ शारदा नदी का प्रवाह, तटबंध में कटान से ग्रामीण चिंतित

पीलीभीत में तेज हुआ शारदा नदी का प्रवाह, तटबंध में कटान से ग्रामीण चिंतित

पीलीभीत में तेज हुआ शारदा नदी का प्रवाह, तटबंध में कटान से ग्रामीण चिंतित
Modified Date: September 9, 2026 / 05:14 pm IST
Published Date: September 9, 2026 5:14 pm IST

पीलीभीत (उप्र), नौ सितंबर (भाषा) पीलीभीत के पूरनपुर तहसील के ट्रांस शारदा क्षेत्र में शारदा नदी का बहाव तेज होने से सुरक्षा तटबंध पर तेज कटान शुरू हो गया है। यह जानकारी अधिकारियों और निवासियों ने बुधवार को दी।

तटबंध कटने से राणा प्रताप नगर और नहरोसा गांवों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ती जा रही है और वे खुद रेत की बोरियां डालकर कटान को रोकने की कोशिश कर रहे हैं।

ग्रामीणों के मुताबिक इलाके को बाढ़ से बचाने के लिए वर्षों पहले नदी के उत्तर दिशा में दोनों गांवों के बीच सुरक्षा तटबंध बनाया गया था और अब यही तटबंध उफनती शारदा नदी की तेज धार की चपेट में है। ग्रामीणों के अनुसार तटबंध कमजोर होने की स्थिति में दोनों गांवों पर सीधे बाढ़ और कटान का खतरा मंडरा सकता है।

गंभीर स्थिति की जानकारी मिलने पर पीलीभीत के जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने संवाददाताओं से कहा कि प्रशासन पूरी संवेदनशीलता के साथ ग्रामीणों के साथ खड़ा है और मौके पर राहत एवं बचाव कार्य के लिए विशेष टीम को तत्काल प्रभाव से तैनात किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रशासन की टीम लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और कटान को रोकने के लिए हर संभव उपाय सुनिश्चित किए जा रहे हैं।

इस बीच, कटान तेज होने के भय से सैकड़ों ग्रामीण मंगलवार की पूरी रात जागते रहे। राणा प्रताप नगर निवासी रोहन लाल एवं अन्य ग्रामीणों का कहना है कि नदी की तेज धार लगातार तटबंध को काट रही है और हर गुजरते समय के साथ चिंता बढ़ती जा रही है।

उन्होंने बताया कि कटान की गंभीर स्थिति के बीच ग्रामीणों ने प्रशासनिक मदद का इंतजार करने के बजाय खुद ही मोर्चा संभाल लिया है और मंगलवार रात बड़ी संख्या में लोग नदी किनारे पहुंचे और रेत के बैग भरकर तटबंध के कमजोर हिस्सों पर रखे।

शारदा नदी के कटान को लेकर राणा प्रताप नगर और नहरोसा के ग्रामीणों को आशंका है कि तटबंध टूटने पर नदी का पानी और कटान दोनों गांवों की ओर बढ़ सकता है।

ग्रामीणों का कहना है कि यह केवल तटबंध को बचाने का मामला नहीं है, बल्कि दोनों गांवों के अस्तित्व से जुड़ा मामला भी है। उन्होंने कहा कि नदी की धारा अगर तटबंध को पार कर गई तो बड़े स्तर पर नुकसान की आशंका है।

भाषा सं. सलीम अमित

अमित


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