लखनऊ की झुग्गी बस्ती में आग लगने से दो बच्चों की मौत
लखनऊ की झुग्गी बस्ती में आग लगने से दो बच्चों की मौत
लखनऊ, 16 अप्रैल (भाषा) उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के विकास नगर इलाके में एक झुग्गी बस्ती में बुधवार को लगी भीषण आग में दो बच्चों की मौत हो गई। पुलिस के एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
पुलिस उपायुक्त (पूर्व) दीक्षा शर्मा ने संवाददाताओं को बताया कि दोनों बच्चों के शव बुधवार देर रात एक व्यापक तलाशी अभियान के बाद बरामद किए गए। उन्होंने बताया, ‘‘शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। बच्चों के माता-पिता को सूचित कर दिया गया है।’’
अधिकारियों ने कहा कि मृतक बच्चों की पहचान श्रुति (2) और उसकी दो महीने की बहन के रूप में हुई है, जिनके माता-पिता बाराबंकी जिले के काशीपुरवा गांव के रहने वाले हैं।
विकास नगर थाना क्षेत्र में बुधवार शाम रिंग रोड के पास स्थित एक झुग्गी बस्ती में भीषण आग लग गई थी, जिसने तेजी से सैकड़ों झोपड़ियों को अपनी चपेट में ले लिया। इस घटना में झुग्गी बस्ती में रहने वाले तमाम लोगों की झोपड़ियां राख में तब्दील हो गई थीं।
शर्मा ने बताया कि आग लगने की सूचना मिलते ही तुरंत दमकल की गाड़ियां मौके पर भेजी गईं और बिना किसी देरी के बचाव एवं राहत कार्य शुरू कर दिए गए।
उन्होंने बताया कि पुलिस, अग्निशमन विभाग, राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीम बुधवार शाम से ही घटनास्थल पर तैनात हैं और लगातार राहत कार्यों में जुटी हुई हैं।
अधिकारियों ने बताया कि आग में लगभग 200 झोपड़ियां जलकर खाक हो गईं, जिससे उनमें रहने वाले सैकड़ों लोग बेघर हो गए। उन्होंने बताया कि इनमें ज्यादातर घरेलू कामगार और दिहाड़ी मजदूर शामिल हैं।
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने बुधवार को ही घटनास्थल का दौरा किया था और अधिकारियों को राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए थे। उन्होंने बताया था कि इस घटना की जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
जिलाधिकारी विशाख जी भी मौके पर पहुंचे और राहत कार्यों की निगरानी की। उन्होंने बृहस्पतिवार को कहा कि आग लगने का सही कारण अभी तक पता नहीं चल पाया है, क्योंकि अग्नि सुरक्षा ऑडिट जारी है।
विशाख ने कहा कि वित्तीय सहायता के लिए राजस्व टीम प्रभावित परिवारों को हुए नुकसान का आकलन कर रही है।
उन्होंने बताया कि घटना में अपने दो बच्चों को खोने वाले दंपति को आठ लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने घटना को लेकर चिंता जताई और तत्काल राहत पहुंचाने का निर्देश दिया।
समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव ने भी घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए तत्काल राहत पहुंचाने तथा गहन जांच की मांग की।
झुग्गी बस्ती में लगी आग में अपना आशियाना खोने वाले लोग बृहस्पतिवार सुबह मौके पर पहुंचे और राख के ढेर में अपनी चीजों की तलाश करते दिखे।
इनमें शामिल एक महिला ने कहा, ‘‘कुछ न बचा, सब बर (जल) गवा।’’
इलाके में तबाही के खौफनाक निशान साफ दिख रहे थे। जली हुई अलमारियां, अधजले सिकुड़े संदूक, टूटी हुई साइकिलें, जले हुए बर्तन, गैस के चूल्हे और बिखरे हुए कपड़े। कुछ जगहों पर, रसोई के रैक में आधी जली हुई सब्जियां पड़ी थीं, जबकि कूलर, पंखे और यहां तक कि फ्रिज भी जलकर खाक हो चुके थे।
हवा में अब भी धुएं की तेज गंध महसूस की जा सकती थी। यही नहीं, मलबे के कुछ हिस्सों से अभी भी धुआं निकल रहा था।
कई लोगों के लिए यह नुकसान सिर्फ आर्थिक नहीं, बल्कि बहुत ही निजी और गहरा भी है।
लोगों के घरों में चौका-बर्तन करके अपने परिवार का पालन पोषण करने वाली दीपा ने बताया कि उसने कई साल तक एक-एक रुपया जोड़कर अपनी गृहस्थी बसाई थी, लेकिन आग में सब कुछ स्वाहा हो गया।
घरों में जाकर काम करने वाली एक और महिला ने कहा, ‘‘पति के गुजर जाने के बाद मैंने 20 साल से ज्यादा समय में अकेले ही कुछ पैसे और गहने जमा किए थे। मैंने घरों में काम करके अकेले ही अपने पांच बच्चों को पाला-पोसा, लेकिन आग ने मेरी सारी जमा-पूंजी निगल ली।’’
भाषा
जफर पारुल
पारुल

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