उप्र: कार्तिक पूर्णिमा मेले से पहले अवैध बैल दौड़ का प्रचार करने के लिए 18 यूट्यूबर्स पर मामला दर्ज

उप्र: कार्तिक पूर्णिमा मेले से पहले अवैध बैल दौड़ का प्रचार करने के लिए 18 यूट्यूबर्स पर मामला दर्ज

उप्र: कार्तिक पूर्णिमा मेले से पहले अवैध बैल दौड़ का प्रचार करने के लिए 18 यूट्यूबर्स पर मामला दर्ज
Modified Date: October 24, 2025 / 09:06 pm IST
Published Date: October 24, 2025 9:06 pm IST

हापुड़, 24 अक्टूबर (भाषा) उत्तर प्रदेश के हापुड़ में पुलिस ने कार्तिक पूर्णिमा मेले से पहले अवैध रूप से बैल दौड़ को बढ़ावा देने के आरोप में 18 यूट्यूबर्स के खिलाफ कई प्राथमिकियां दर्ज कीं। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

पुलिस के अनुसार, कई युवकों ने मेला शुरू होने से पहले ही बैल दौड़ को बढ़ावा देते हुए यूट्यूब, ‘फेसबुक’ और ‘इंस्टाग्राम’ पर वीडियो व व्लॉग अपलोड कर दिए थे।

पुलिस ने बताया कि इस आयोजन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है क्योंकि इसमें पशु क्रूरता शामिल है और इससे जानवरों व आम जनता दोनों को खतरा है।

गढ़ नगर चौकी प्रभारी द्विजेंद्र सिंह ने बताया कि मेले के दौरान कुछ लोग आयोजन स्थल के रास्ते में बैल दौड़ और सट्टा खेलते हैं।

मेले में हजारों श्रद्धालु अपने परिवारों के साथ आते हैं।

उन्होंने बताया, “इन दौड़ों में न केवल जानवरों के साथ क्रूरता होती है बल्कि उनकी जान को भी खतरा होता है और राहगीरों के बीच अफरा-तफरी मच सकती है।”

अधिकारी ने बताया कि ऐसी दौड़ों में अक्सर प्रतिभागियों के बीच विवाद और झगड़े होते हैं, जिससे सार्वजनिक व्यवस्था भंग होती है।

उन्होंने बताया कि इस साल मेला शुरू होने से पहले ही दौड़ों का आयोजन ‘रिहर्सल’ के तौर पर किया जा रहा था, जिसके बाद पुलिस कार्रवाई की गई। क्षेत्राधिकारी स्तुति सिंह ने बताया, “सोशल मीडिया पर निगरानी के जरिए हमने बैल दौड़ का प्रचार करने वालों की पहचान की है। 18 यूट्यूबर्स के खिलाफ पशु क्रूरता निवारण अधिनियम और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामले दर्ज किए गए हैं।”

भाषा सं जफर जितेंद्र

जितेंद्र


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