उप्र: भाजपा, सपा ने राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों के नाम पर साधी चुप्पी

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उप्र: भाजपा, सपा ने राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों के नाम पर साधी चुप्पी

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  • Publish Date - September 29, 2026 / 11:01 PM IST,
    Updated On - September 29, 2026 / 11:01 PM IST

लखनऊ, 29 सितंबर (भाषा) उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीट पर होने वाले द्विवार्षिक चुनाव के लिए मंगलवार को नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई हालांकि सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और मुख्य विपक्षी समाजवादी पार्टी (सपा) ने अब तक अपने सभी उम्मीदवारों के नाम घोषित नहीं किए हैं।

सूत्रों ने बताया कि मंगलवार को किसी उम्मीदवार ने नामांकन दाखिल नहीं किया हालांकि भाजपा की ओर से आठ और सपा की ओर से चार नामांकन पत्र लिए गए। सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा के मौजूदा सदस्य राम गोपाल यादव बुधवार पूर्वाह्न करीब 11 बजे पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव की मौजूदगी में नामांकन दाखिल करेंगे।

यह पूछे जाने पर कि क्या पार्टी ने किसी अन्य उम्मीदवार का नाम तय किया है, मेहरोत्रा ने कहा कि स्थिति बुधवार सुबह तक स्पष्ट हो जाएगी।

निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के मुताबिक, नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख छह अक्टूबर है।

नामांकन पत्रों की जांच सात अक्टूबर को होगी जबकि नाम वापस लेने की अंतिम तारीख नौ अक्टूबर है।

मतदान 16 अक्टूबर को सुबह नौ बजे से शाम चार बजे तक होगा और उसी दिन मतगणना की जाएगी।

उत्तर प्रदेश से केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और बीएल वर्मा के अलावा भाजपा के अरुण सिंह, गीता शाक्य, नीरज शेखर, बृजलाल और सीमा द्विवेदी का कार्यकाल 25 नवंबर को समाप्त हो रहा है।

सपा के राम गोपाल यादव और बसपा के रामजी गौतम का कार्यकाल भी इसी दिन पूरा होगा।

दसवीं सीट भाजपा के दिनेश शर्मा के राज्यसभा से इस्तीफा देने के बाद रिक्त हुई थी।

उन्हें अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह का उपराज्यपाल नियुक्त किया गया है।

विधानसभा में मौजूदा संख्या बल के आधार पर भाजपा सात और सपा दो सदस्यों को निर्वाचित कराने की स्थिति में है।

दसवीं सीट के लिए दोनों दलों के बीच मुकाबले की संभावना है।

वर्ष 2024 के राज्यसभा चुनाव में भाजपा ने आठ उम्मीदवार उतारे थे और सभी निर्वाचित हुए थे।

सपा ने तीन उम्मीदवार मैदान में उतारे थे, जिनमें जया बच्चन और रामजी लाल सुमन निर्वाचित हुए जबकि पूर्व मुख्य सचिव आलोक रंजन को हार का सामना करना पड़ा था।

भाषा अरुणव मनीष सलीम जितेंद्र

जितेंद्र