उप्र मंत्रिमंडल ने विस्थापित हिंदू बंगाली परिवारों के पुनर्वास को मंज़ूरी दी, शहरी पुनर्विकास नीति 2026 को भी मंज़ूरी

उप्र मंत्रिमंडल ने विस्थापित हिंदू बंगाली परिवारों के पुनर्वास को मंज़ूरी दी, शहरी पुनर्विकास नीति 2026 को भी मंज़ूरी

उप्र मंत्रिमंडल ने विस्थापित हिंदू बंगाली परिवारों के पुनर्वास को मंज़ूरी दी, शहरी पुनर्विकास नीति 2026 को भी मंज़ूरी
Modified Date: January 29, 2026 / 03:26 pm IST
Published Date: January 29, 2026 3:26 pm IST

लखनऊ, 29 जनवरी (भाषा) उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल ने पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) से विस्थापित 99 हिंदू बंगाली परिवारों के पुनर्वास को बृहस्पतिवार को मंज़ूरी दे दी है। वरिष्ठ मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने यह जानकारी देते हुए कहा कि यह परिवार फिलहाल मेरठ जिले में झील की जमीन पर अवैध रूप से रह रहे हैं।

मंत्रिमंडल बैठक के बाद पत्रकारों को जानकारी देते हुए,वित्त और संसदीय कार्य मंत्री खन्ना ने कहा कि अभी मेरठ की मवाना तहसील के नगला गोसाई गांव में रह रहे इन परिवारों को राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के आदेशों के पालन में दूसरी जगह बसाया जाएगा।

उन्होंने बताया कि पुनर्वास योजना के तहत, 50 परिवारों को कानपुर देहात जिले की रसूलबाद तहसील के भैंसया गांव में पुनर्वास विभाग के नाम पर दर्ज 11.1375 हेक्टेयर (27.51 एकड़) जमीन पर बसाया जाएगा, जबकि बाकी 49 परिवारों को ताजपुर तरसौली गांव में 10.530 हेक्टेयर (26.01 एकड़) ज़मीन पर बसाया जाएगा।

हर परिवार को 30 साल के पट्टे पर 0.50 एकड़ ज़मीन दी जाएगी, जिसे हर बार 30 साल के लिए दो बार बढ़ाया जा सकेगा, जिसकी अधिकतम पट्टा अवधि 90 साल होगी। खन्ना ने बताया कि पट्टा तय प्रीमियम या पट्टा किराए के भुगतान पर दिया जाएगा।

अन्य अहम फैसलों के बारे में पत्रकारों को जानकारी देते हुए, खन्ना ने कहा कि मंत्रिमंडल ने नियोजित शहरी विकास के मकसद से शहरी पुनर्विकास नीति 2026 को मंज़ूरी दी है। यह नीति भवन मानचित्र की मंज़ूरी की प्रक्रिया को आसान बनाएगी ताकि नियमों का पालन हो सके, साथ ही संशोधित विकास शुल्क भी लागू किए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल ने बरेली और मुरादाबाद में साइंस पार्क और तारामंडल की स्थापना को भी मंज़ूरी दी है।

खन्ना ने कहा कि मंत्रिमंडल ने प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास को भी मंज़ूरी दी है। इस फैसले के तहत, आपदा प्रभावित परिवारों को सरकारी आवास और ज़मीन का पट्टा दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहले अधिकारियों को बहराइच ज़िले में आपदा प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए ज़मीन की व्यवस्था करने का निर्देश दिया था, जिसमें राजस्व गांव परतापुर भी शामिल है, जहां एक दुखद घटना में नदी पार करते समय नौ लोगों की मौत हो गई थी। प्रभावित इलाके का हवाई सर्वे किया गया और परतापुर गांव के परिवारों को बसाया गया। मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत प्रभावित परिवारों को घर दिए जाएंगे, साथ ही ज़मीन के पट्टे भी दिए जाएंगे।

खन्ना ने बताया कि कुल 136 परिवारों को घरों के साथ ज़मीन के पट्टे दिए जाएंगे, और उनकी खेती की ज़रूरतों के हिसाब से उन्हें खेती की ज़मीन भी पट्टे पर दी जाएगी।

भाषा किशोर जफर प्रशांत

प्रशांत


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