उप्र:श्रमिकों और वंचित समुदायों के बच्चों को स्कूल में प्रवेश दिलाने के लिए अभियान एक मई से

उप्र:श्रमिकों और वंचित समुदायों के बच्चों को स्कूल में प्रवेश दिलाने के लिए अभियान एक मई से

उप्र:श्रमिकों और वंचित समुदायों के बच्चों को स्कूल में प्रवेश दिलाने के लिए अभियान एक मई से
Modified Date: April 26, 2026 / 05:28 pm IST
Published Date: April 26, 2026 5:28 pm IST

लखनऊ, 26 अप्रैल (भाषा) उत्तर प्रदेश सरकार मजदूरों की बस्तियों, ईंट भट्ठों के आसपास रहने वाले श्रमिकों और वंचित समुदायों के बच्चों की पहचान करके उन्हें स्कूलों में दाखिला दिलाने के मकसद से एक मई से पूरे राज्य में एक विशेष अभियान चलाएगी। एक बयान में यह जानकारी दी गयी है।

राज्य सरकार ने बयान में कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा और निर्णायक कदम उठाते हुए उसने पूरे प्रदेश में ‘स्कूल चलो अभियान’ को मिशन मोड में लागू किया है।

बयान के अनुसार बेसिक और माध्यमिक शिक्षा के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे हर हाल में छह से 14 वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे का दाखिला सुनिश्चित करें।

अधिकारियों के अनुसार यह अभियान विशेष रूप से उन बच्चों पर केंद्रित होगा जो अब भी मुख्यधारा की शिक्षा प्रणाली से बाहर हैं।

उन्होंने बताया कि इसके अलावा दिव्यांग बच्चों के दाखिले को प्राथमिकता देने, शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत लॉटरी द्वारा चुने गए पात्र बच्चों का उनके आवंटित स्कूलों में शत प्रतिशत दाखिला सुनिश्चित करने और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में लड़कियों के दाखिले की संख्या बढ़ाने के भी निर्देश जारी किए गए हैं।

अधिकारियों ने बताया कि सरकार ने बीच में पढ़ाई छोड़ने वाले और स्कूल से बाहर रहने वाले बच्चों की पहचान करने तथा उन्हें वापस शिक्षा प्रणाली से जोड़ने के लिए जमीनी स्तर की एक रणनीति तैयार की है।

बयान के मुताबिक पांचवीं से छठी कक्षा, आठवीं से नौवीं कक्षा और 10वीं से 11वीं कक्षा में बच्चों के शत प्रतिशत प्रोन्नति को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि बच्चे अपनी पढ़ाई बीच में न छोड़ें एवं उनकी शिक्षा में निरंतरता बनी रहे।

बयान के अनुसार अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे हर गांव, वार्ड और बस्ती के स्तर पर सर्वेक्षण करें, ताकि बच्चों की पहचान की जा सके और उन्हें स्कूलों से जोड़ा जा सके।

भाषा सलीम राजकुमार

राजकुमार


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