उप्र: चंदौली में प्रतिमा विसर्जन विवाद को लेकर सपा के पूर्व विधायक और अन्य पर मामला दर्ज
उप्र: चंदौली में प्रतिमा विसर्जन विवाद को लेकर सपा के पूर्व विधायक और अन्य पर मामला दर्ज
चंदौली (उप्र), 28 जनवरी (भाषा) चंदौली जिले में 26 जनवरी को सरस्वती प्रतिमा विसर्जन के लिए निकाली गई शोभा यात्रा के दौरान दंगा करने, पुलिस के काम में बाधा डालने और सरकारी आदेशों का उल्लंघन करने समेत अन्य आरोपों में पुलिस ने बुधवार को समाजवादी पार्टी (सपा) के पूर्व विधायक मनोज कुमार सिंह के साथ चार नामजद लोगों और लगभग 60 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
पुलिस क्षेत्राधिकारी (सदर) देवेंद्र कुमार ने बताया कि यह मामला सैय्यदराजा पुलिस थाने में दर्ज किया गया।
उन्होंने बताया कि युवाओं के एक समूह ने विसर्जन संबंधी शोभा यात्रा के दौरान
अधिक क्षमता वाली संगीत बजाने की उपकरण प्रणाली (डीजे सिस्टम) का इस्तेमाल किया और देर रात तक तेज आवाज में संगीत बजा रहे थे।
जब शोभा यात्रा ने तय रास्ते के अलावा दूसरे रास्ते से जाने की कोशिश की, तो पुलिस ने कानून-व्यवस्था की चिंताओं का हवाला देते हुए उसे रोक दिया और संगीत की आवाज कम करने को कहा।
पुलिस क्षेत्राधिकारी कुमार के अनुसार, पूर्व सपा विधायक मनोज कुमार सिंह सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे और पुलिस से बहस करने लगे। सरकारी निर्देशों और शोभा यात्रा के लिए तय रास्ते के बारे में बताए जाने के बावजूद, उन्होंने कथित तौर पर बात मानने से इनकार कर दिया और पुलिसकर्मियों से बहस करते रहे।
अधिकारी ने बताया कि जब बार-बार अपील करने के बाद भी बात नहीं बनी और पूर्व विधायक ने कथित तौर पर शोभा यात्रा को जबरदस्ती एक गैर-अधिकृत रास्ते से ले जाने की कोशिश की, तो पुलिस ने इसे अशांति भड़काने, सरकारी निर्देशों का उल्लंघन करने और पुलिस के काम में दखल देने की कोशिश माना।
उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व विधायक ने फिर विसर्जन में शामिल युवाओं को पुलिस के खिलाफ नारे लगाने के लिए उकसाया।
पुलिस क्षेत्राधिकारी ने बताया कि इस घटना के बाद पुलिस ने बुधवार को मनोज कुमार सिंह, ‘डीजे’ संचालक शुभम गुप्ता, दीपक मूर्ति, आशीष और लगभग 60 अज्ञात लोगों के खिलाफ आठ गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया।
इस कार्रवाई पर प्रतिक्रिया जताते हुए पूर्व सपा विधायक ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि पुलिस का मामला दर्ज करना विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिश है।
उन्होंने आरोप लगाया कि जो भी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खिलाफ बोलता है, उसके खिलाफ मामले दर्ज किए जा रहे हैं।
भाषा सं जफर संतोष
संतोष


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