उप्र में निजी व्यावसायिक संपत्ति परिवार को दान करने पर स्टांप शुल्क अब पांच हजार रुपये

उप्र में निजी व्यावसायिक संपत्ति परिवार को दान करने पर स्टांप शुल्क अब पांच हजार रुपये

उप्र में निजी व्यावसायिक संपत्ति परिवार को दान करने पर स्टांप शुल्क अब पांच हजार रुपये
Modified Date: January 6, 2026 / 03:37 pm IST
Published Date: January 6, 2026 3:37 pm IST

लखनऊ, छह जनवरी (भाषा) उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल ने ग्रामीण ही नहीं, बल्कि शहरी क्षेत्रों में स्थित व्यावसायिक गतिविधियों वाली निजी संपत्तियों को भी पारिवारिक सदस्यों के नाम ‘‘दान’’ करने पर स्टांप शुल्क पांच हजार रुपये निर्धारित करने के प्रस्ताव को मंगलवार को मंजूरी दे दी।

प्रदेश के स्टांप एवं न्यायालय शुल्क मंत्री रवींद्र जायसवाल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में लिए गए इस निर्णय की जानकारी देते हुए संवाददाताओं को बताया कि 2022 से पहले यदि कोई व्यक्ति परिवार के रिश्तों में जैसे भाई, पत्नी, बेटा, बेटी, दामाद, पोता-पोती या नाती-नातिन को अपनी संपत्ति ‘‘दान’’ करता था, तो उसे पूरे सर्किल रेट के बराबर स्टांप शुल्क देना पड़ता था।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 में सरकार ने यह व्यवस्था की थी कि इन पारिवारिक रिश्तों को संपत्ति ‘‘दान’’ करने पर केवल पांच हजार रुपये स्टांप शुल्क लिया जाएगा, लेकिन यह सुविधा केवल आवासीय और कृषि संपत्तियों तक सीमित थी।

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जायसवाल ने कहा, “यदि किसी मकान में दुकान, आटा चक्की या कोई अन्य व्यावसायिक गतिविधि संचालित होती थी, तो उसे स्टांप अधिनियम के तहत वाणिज्यिक संपत्ति माना जाता था और उस पर यह छूट लागू नहीं होती थी। आज मंत्रिमंडल ने इस संबंध में एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किया है।”

उन्होंने बताया कि अब व्यावसायिक गतिविधियों वाली निजी संपत्तियों को भी पत्नी, बेटा, बेटी, भाई, बहन, नाती-पोते या अन्य अर्ह पारिवारिक सदस्यों के नाम ‘‘दान’’ करने पर केवल पांच हजार रुपये स्टांप शुल्क लिया जाएगा।

मंत्री ने उदाहरण देते हुए कहा कि यदि एक करोड़ रुपये की संपत्ति है, तो पहले शहरी क्षेत्रों में ऐसी संपत्ति पर लगभग सात लाख रुपये स्टांप शुल्क लगता था, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में यह शुल्क पांच हजार रुपये था लेकिन अब चाहे निजी संपत्ति शहर में हो या गांव में या उसमें व्यावसायिक गतिविधि संचालित हो रही हो, ‘‘दान’’ करने पर केवल पांच हजार रुपये स्टांप शुल्क ही देना होगा।

भाषा सलीम मनीषा खारी

खारी


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