उत्तर प्रदेश अब बीमारू राज्य नहीं, बल्कि भारत की अर्थव्यवस्था का विकास इंजन बन चुका है : योगी
उत्तर प्रदेश अब बीमारू राज्य नहीं, बल्कि भारत की अर्थव्यवस्था का विकास इंजन बन चुका है : योगी
लखनऊ, 13 जुलाई (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को कहा कि प्रदेश अब बीमारू राज्य नहीं रह गया है, बल्कि यह भारत की अर्थव्यवस्था का विकास इंजन बन चुका है।
उन्होंने बताया कि केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने राज्य में 50,000-60,000 करोड़ रुपये की सड़क अवसंरचना परियोजनाओं को मंजूरी दी है, जिनमें उत्तर-दक्षिण संपर्क को मजबूत करने वाली योजनाएं भी शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने 4,850 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास समारोह को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘आज गडकरी जी ने 50,000-60,000 करोड़ रुपये की सड़क परियोजनाओं को भी मंजूरी दी है। उत्तर प्रदेश में पूर्वांचल, गंगा, बुंदेलखंड, आगरा-लखनऊ और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के माध्यम से पहले से ही बेहतर पूर्व-पश्चिम संपर्क है, लेकिन अब उत्तर-दक्षिण संपर्क को मजबूत करने के लिए नए क्षेत्रों की पहचान की गई है।’’
आदित्यनाथ ने कहा कि केंद्रीय मंत्री ने पांच लाख से अधिक आबादी वाले शहरों के लिए बाईपास और प्रदेश के प्रत्येक जिला मुख्यालय को चार लेन सड़क से जोड़ने की योजनाओं को भी मंजूरी दी है।
उन्होंने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का आभार जताते हुए कहा कि इन मंजूरियों से उत्तर प्रदेश का सड़क नेटवर्क और मजबूत होगा तथा आर्थिक विकास को और गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले एक दशक में उत्तर प्रदेश में उल्लेखनीय बदलाव आया है।
उन्होंने कहा, ‘‘दस वर्ष पहले उत्तर प्रदेश पहचान के संकट से जूझ रहा था। न तो कोई नीति थी और न ही दिशा। प्रदेश दंगों और माफिया राज के लिए जाना जाता था तथा बीमारू राज्यों में गिना जाता था।’’
योगी ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश बीमारू राज्य नहीं रह गया है, बल्कि यह भारत की अर्थव्यवस्था का विकास इंजन बन चुका है।
उन्होंने इस बदलाव का श्रेय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दृष्टिकोण को देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश सुशासन, बेहतर सुरक्षा व्यवस्था और विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे का मॉडल बनकर उभरा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में अब सड़क, रेल, मेट्रो, हवाई अड्डों और अंतर्देशीय जलमार्गों से जुड़ा एकीकृत परिवहन नेटवर्क विकसित हो चुका है।
गडकरी की प्रशंसा करते हुए आदित्यनाथ ने कहा, ‘‘नितिन गडकरी के शब्दकोश में बुनियादी ढांचे के विकास के मामले में ‘नहीं’ जैसा कोई शब्द नहीं है।’’
उन्होंने कहा कि गडकरी ने देश के सड़क बुनियादी ढांचे को बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने याद दिलाया कि वाराणसी से हल्दिया के बीच देश का पहला अंतर्देशीय जलमार्ग भी गडकरी के नेतृत्व में शुरू किया गया था।
मुख्यमंत्री ने 63 किलोमीटर लंबे लखनऊ-कानपुर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के उद्घाटन का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे राज्य के दो बड़े महानगरों के बीच संपर्क बेहतर होगा और प्रस्तावित राज्य राजधानी क्षेत्र को भी मजबूती मिलेगी। यह एक्सप्रेसवे लखनऊ को बाराबंकी, सीतापुर, हरदोई, उन्नाव और रायबरेली से जोड़ेगा।
उन्होंने कहा, ‘‘यह केवल एक एक्सप्रेसवे नहीं है, बल्कि ऐसा राजमार्ग है जो हमारी गति बढ़ाएगा, प्रगति को तेज करेगा और भविष्य की समृद्धि के द्वार खोलेगा।’’
आदित्यनाथ ने कहा कि यह उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 29 अप्रैल को गंगा एक्सप्रेसवे और 28 मार्च को जेवर स्थित नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के उद्घाटन के बाद हुआ है। ये परियोजनाएं प्रदेश में तेजी से हो रहे बुनियादी ढांचे के विकास को दर्शाती हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कभी खराब सड़कों के लिए जाना जाने वाला उत्तर प्रदेश आज देश में सबसे अधिक परिचालित एक्सप्रेसवे नेटवर्क वाला राज्य बन गया है। इसके अलावा यहां देश के सबसे बड़े रेलवे नेटवर्क में से एक, सबसे अधिक संचालित मेट्रो प्रणालियों में से एक और तेजी से विस्तार करता हवाई संपर्क मौजूद है।
उन्होंने कहा, ‘‘जनता के सकारात्मक सहयोग ने विकास की इस प्रक्रिया को गति दी है। इसी गति ने उत्तर प्रदेश की बीमारू राज्य वाली छवि को समाप्त कर इसे भारतीय अर्थव्यवस्था का विकास इंजन बनाया है।’’
इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक सहित कई सांसद और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
भाषा
आनन्द रवि कांत

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