उप्र: जौहर विश्वविद्यालय में प्रस्तावित ध्वस्तीकरण पर रोक के बाद विद्यार्थियों का प्रदर्शन स्थगित
उप्र: जौहर विश्वविद्यालय में प्रस्तावित ध्वस्तीकरण पर रोक के बाद विद्यार्थियों का प्रदर्शन स्थगित
रामपुर, 28 जुलाई (भाषा) उत्तर प्रदेश के रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय को ध्वस्त करने के रामपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) के आदेश पर अदालत द्वारा अंतरिम रोक लगाए जाने के बाद करीब 12 दिनों से जारी विद्यार्थियों का विरोध प्रदर्शन फिलहाल स्थगित कर दिया गया। विश्वविद्यालय के एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
विश्वविद्यालय के एक अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, “रामपुर विकास प्राधिकरण द्वारा जारी ध्वस्तीकरण नोटिस के खिलाफ जौहर विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों का विरोध प्रदर्शन फिलहाल ध्वस्तीकरण पर अंतरिम रोक के कारण रोक दिया गया है।”
विश्वविद्यालय के एक पूर्व छात्र ने भी प्रदर्शन में भाग लिया।
वर्ष 2019 में स्नातक कर चुके छात्र ने कहा, “विद्यार्थियों ने विरोध अस्थायी रूप से रोक दिया गया है।”
प्रदर्शन में शामिल एक स्नातकोत्तर छात्र ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, “विद्यार्थियों का विरोध अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया गया है। हम मुरादाबाद मंडलायुक्त की अदालत द्वारा दिए गए रोक आदेश का स्वागत और सम्मान करते हैं। हमें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है।”
मुरादाबाद मंडलायुक्त की अदालत ने सोमवार को मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय को अंतरिम राहत देते हुए मामले की अंतिम सुनवाई तक परिसर की 38 इमारतों के प्रस्तावित ध्वस्तीकरण पर रोक लगा दी थी।
मंडलायुक्त अंजनेय कुमार सिंह ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया था कि विश्वविद्यालय के वकील की ओर से अर्जी दिए जाने के बाद अंतरिम रोक लगाई गई।
उन्होंने बताया कि मंगलवार को निर्धारित सुनवाई नहीं हो सकी क्योंकि मुरादाबाद में एक वकील के निधन के बाद शोक सभा आयोजित की गई थी।
सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय के वकील की अर्जी स्वीकार कर ली गयी है और अगले आदेश तक किसी भी ढांचे को गिराने पर रोक रहेगी।
उन्होंने बताया कि सभी पक्षों को सुनने और रिकॉर्ड की जांच के बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
विद्यार्थियों के विरोध प्रदर्शन के 12वें दिन ध्वस्तीकरण पर रोक का आदेश जारी किया गया।
इस बीच, मुरादाबाद मंडलायुक्त की अदालत द्वारा अंतरिम रोक लगाए जाने के बाद उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय ने सोमवार देर शाम जौहर विश्वविद्यालय पहुंचकर विद्यार्थियों से मुलाकात की और उन्हें मिठाई खिलाकर बधाई दी।
विद्यार्थियों ने 15 जुलाई को जारी आरडीए के आदेश के खिलाफ प्रदर्शन शुरू किया था।
आदेश में विश्वविद्यालय की 40 इमारतों में से 38 को कथित रूप से बिना अनुमति निर्माण के आधार पर ध्वस्त करने की बात कही गई थी।
राय ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि विश्वविद्यालय के खिलाफ प्रस्तावित ‘बुलडोजर कार्रवाई’ पर रोक विद्यार्थियों की जीत है।
उन्होंने कहा कि न्यायालय के आदेश से छात्रों और युवाओं में उत्साह है।
राय ने बताया कि उन्होंने विश्वविद्यालय से जुड़े विभिन्न मामलों पर चर्चा के लिए जौहर विश्वविद्यालय के संस्थापक और उत्तर प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान की पत्नी तजीन फातमा से भी मुलाकात की।
उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति के प्रति राजनीतिक मतभेदों के कारण किसी विश्वविद्यालय को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए।
राय ने कहा कि विश्वविद्यालय और शैक्षणिक संस्थान ‘विद्या के मंदिर’ होते हैं और ऐसे संस्थानों को निशाना बनाना स्वीकार्य नहीं है।
भाषा अरूनव जफर जितेंद्र
जितेंद्र

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