उप्र: नोएडा में पीड़ित श्रमिकों से मिलने जा रहे समाजवादी पार्टी प्रतिनिधिमंडल को रोका गया
उप्र: नोएडा में पीड़ित श्रमिकों से मिलने जा रहे समाजवादी पार्टी प्रतिनिधिमंडल को रोका गया
लखनऊ, 17 अप्रैल (भाषा) समाजवादी पार्टी (सपा) ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल नोएडा में पीड़ित श्रमिकों से मिलने जा रहा था लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में जबरन रोक दिया गया।
पार्टी ने पुलिस-प्रशासन की इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ और निंदनीय बताया।
पार्टी द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल नोएडा (गौतमबुद्ध नगर) में श्रमिकों से मिलने और उनकी समस्याओं को जानने के लिए रवाना हुआ।
इस प्रतिनिधिमंडल में कमाल अख्तर, सुधीर भाटी, आश्रय गुप्ता, शाहिद मंजूर, अतुल प्रधान, पंकज कुमार मलिक, प्रशांत यादव, राज कुमार भाटी और सुनील चौधरी जैसे वरिष्ठ नेता शामिल थे।
बयान के अनुसार, प्रतिनिधिमंडल के प्रस्थान से पहले पुलिस ने नेताओं को उनके आवासों पर नजरबंद करने का प्रयास किया लेकिन सभी नेता लोकतांत्रिक अधिकारों का पालन करते हुए निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार नोएडा के लिए रवाना हुए और रास्ते में पुलिस ने उन्हें जबरन रोक दिया तथा आगे जाने से मना कर दिया गया।
नोएडा क्षेत्र में श्रमिकों से 10-12 घंटे काम लेकर 10-11 हजार रुपये मासिक वेतन दिया जा रहा है जबकि उन्हें साप्ताहिक अवकाश भी नहीं मिल रहा।
श्रमिक वेतन वृद्धि और ओवरटाइम भुगतान की मांग कर रहे हैं।
मदरसन इंडिया लिमिटेड के कर्मचारियों द्वारा शांतिपूर्वक धरना दिया जा रहा था, जिसे प्रशासन ने बलपूर्वक दबाने का प्रयास किया।
सपा ने इस कार्यवाही की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि वह श्रमिकों के हक की लड़ाई जारी रखेगी।
भाषा जफर जितेंद्र
जितेंद्र

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