उत्तर प्रदेश: ऑनलाइन सट्टा गिरोह के खिलाफ छापेमारी, दो महिलाएं गिरफ्तार, सिपाही बर्खास्त

उत्तर प्रदेश: ऑनलाइन सट्टा गिरोह के खिलाफ छापेमारी, दो महिलाएं गिरफ्तार, सिपाही बर्खास्त

उत्तर प्रदेश: ऑनलाइन सट्टा गिरोह के खिलाफ छापेमारी, दो महिलाएं गिरफ्तार, सिपाही बर्खास्त
Modified Date: May 9, 2026 / 12:08 am IST
Published Date: May 9, 2026 12:08 am IST

झांसी (उप्र), आठ मई (भाषा) झांसी जिले की पुलिस ने ऑनलाइन सट्टा संचालित करने वाले एक संगठित गिरोह के अड्डे पर शुक्रवार को छापा मारकर करीब 1.72 करोड़ रुपये का सोना-चांदी और 18.92 लाख रुपये नकदी बरामद की और गिरोह की दो महिला सदस्यों को गिरफ्तार किया।

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मामले में संलिप्त एक सिपाही को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया गया, जबकि अन्य फरार आरोपियों की तलाश की जारी है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) बीबीजीटीएस मूर्ति ने बताया कि सूचना पर सीपरी बाजार पुलिस और विशेष दस्ते ने रॉयल सिटी के फ्लैट नंबर एलएस-9 में छापा मारा।

उन्होंने बताया कि पुलिस अधीक्षक (नगर) प्रीति सिंह व सहायक पुलिस अधीक्षक (एएसपी) अरीबा नोमन के नेतृत्व में हुई कार्रवाई में निशा खान (32) और यशस्वी द्विवेदी (24) को गिरफ्तार किया गया।

पूछताछ में दोनों ने बताया कि वे साथियों के साथ मिलकर आईपीएल मैच व अन्य तरीकों से ऑनलाइन सट्टा संचालित करती थीं। सट्टे से अर्जित रकम को सोना-चांदी और जमीनों में निवेश किया जाता था।

एसएसपी के अनुसार, फ्लैट से करीब 1.46 करोड़ रुपये के सोने के बिस्कुट व जेवरात, करीब 11 लाख रुपये की चांदी और 18 लाख 92 हजार 300 रुपये नकद बरामद हुए हैं। कुल बरामदगी 1.72 करोड़ रुपये आंकी गई है। इसके अलावा ऑनलाइन सट्टे से जुड़े दस्तावेज, एक लैपटॉप और 12 मोबाइल फोन भी मिले हैं।

पूछताछ में पता चला कि फ्लैट में आधा दर्जन से अधिक लोग सट्टा संचालित करते थे, जिनमें हाथरस निवासी 31 वर्षीय सिपाही रजत सिंह भी शामिल था। देहात थाने में तैनात उक्त सिपाही को बर्खास्त कर दिया गया है।

उन्होंने बताया कि मामले में फरार सुमित साहू, प्रभात अग्रवाल, आशीष उपाध्याय, विशेष भार्गव समेत दो-तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ सीपरी बाजार थाने में मामला दर्ज कर तलाश की जा रही है।

जिला पुलिस पूर्व में भी आईपीएल व अन्य तरीकों से सट्टा संचालित करने वाले कई लोगों को गिरफ्तार कर बड़ी मात्रा में नकदी बरामद कर चुकी है।

भाषा सं आनन्द आशीष

आशीष


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